Asian Games: भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन जारी है। 28 सितंबर का दिन भारत के लिए खास रहा, जब पुरुष जैवलिन थ्रो स्पर्धा में देश के दो खिलाड़ियों ने पोडियम पर जगह बनाई। भारत के यशवीर सिंह ने सिल्वर मेडल जीता, जबकि रोहित यादव ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। नीरज चोपड़ा के चोट के कारण इस बार एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं लेने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने भाला फेंक स्पर्धा में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। नीरज इससे पहले एशियन गेम्स में दो बार गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।
यशवीर सिंह ने बनाया पर्सनल बेस्ट, जीता सिल्वर
भारत के 24 वर्षीय जैवलिन थ्रोअर यशवीर सिंह ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने फाइनल में 85.72 मीटर का शानदार थ्रो किया, जो उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रहा। यशवीर ने प्रतियोगिता की शुरुआत 83.56 मीटर के थ्रो के साथ की थी। शुरुआती दौर में वह टॉप पर बने हुए थे, लेकिन तीसरे प्रयास में रोहित यादव ने 84.35 मीटर का थ्रो करके बढ़त हासिल कर ली। हालांकि अंतिम प्रयास में यशवीर ने जबरदस्त वापसी करते हुए 85.72 मीटर का थ्रो किया और सिल्वर मेडल पक्का कर लिया।
रोहित यादव ने 84.35 मीटर थ्रो से जीता ब्रॉन्ज
भारत के दूसरे खिलाड़ी रोहित यादव ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 84.35 मीटर का थ्रो करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। रोहित का आखिरी प्रयास फाउल घोषित किया गया, लेकिन इससे पहले किया गया उनका 84.35 मीटर का थ्रो उन्हें मेडल दिलाने के लिए काफी रहा। इस तरह भारत ने पुरुष जैवलिन थ्रो में एक साथ सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की।
श्रीलंका के रुमेश थरंगा ने जीता गोल्ड
इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे के नाम रहा। शुरुआत में वह शीर्ष तीन में नहीं थे, लेकिन चौथे प्रयास में उन्होंने 88.33 मीटर का जबरदस्त थ्रो कर पहला स्थान हासिल कर लिया।
इसके बाद अपने आखिरी प्रयास में रुमेश ने 88.55 मीटर का थ्रो किया और गोल्ड मेडल पर कब्जा जमा लिया। उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें प्रतियोगिता का विजेता बना दिया।
भारत के लिए जैवलिन थ्रो में बड़ी उपलब्धि
नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी के बीच यशवीर सिंह और रोहित यादव ने जिस तरह प्रदर्शन किया, वह भारतीय एथलेटिक्स के लिए सकारात्मक संकेत है। दोनों खिलाड़ियों के मेडल के साथ भारत ने जैवलिन थ्रो में अपनी मजबूत स्थिति कायम रखी है।

