छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जनकल्याण और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं का लाभ किसी भी हालत में हितग्राहियों तक समय पर पहुंचना चाहिए। इसी उद्देश्य से मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में राज्य स्तरीय बैंकर्स उप समिति की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें बैंकों को सख्त निर्देश जारी किए गए।
वित्त विभाग की विशेष सचिव शीतल शाश्वत वर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न स्वरोजगार एवं कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बैंकों द्वारा दिए गए ऋण, स्वीकृत सब्सिडी और लंबित प्रकरणों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रमुख योजनाओं पर फोकस
बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना तथा अंत्योदय स्वरोजगार योजना जैसी प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की गई। इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
तुरंत निपटान के निर्देश
विशेष सचिव शीतल शाश्वत वर्मा ने बैंक अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जनहित की योजनाओं के आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी। बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय भी सामने आया कि बैंक प्रत्येक सप्ताह एक निश्चित दिन (फिक्स डे) निर्धारित करें, जिसमें सभी स्वरोजगार योजनाओं के ऋण आवेदनों की समीक्षा और निपटान किया जाएभविष्य की दिशा
इस पहल से राज्य में स्वरोजगार योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही, बैंकिंग प्रणाली अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी, जिससे आम नागरिकों और युवाओं को सीधे लाभ मिलेगा।छत्तीसगढ़ सरकार ने जनकल्याणकारी और स्वरोजगार योजनाओं के लाभ को हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के लिए सख्त रुख अपनाया है।
उच्च स्तरीय बैठक
वित्त विभाग की विशेष सचिव शीतल शाश्वत वर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय योजनाओं के अंतर्गत दिए गए ऋण और वित्तीय सहायता की विस्तृत समीक्षा की गई। इनमें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना और अंत्योदय स्वरोजगार योजना जैसी प्रमुख योजनाएं शामिल रहीं।महिला सशक्तिकरण
बैठक में महिला स्व-सहायता समूहों (SHG) को मजबूत करने और ग्रामीण आजीविका बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि महिला समूहों के बैंक लिंकेज मामलों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के अधिक अवसर मिल सकें और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
