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होम राज्य सरकार उजागर : बस्तर में मिटेगा नक्सलवाद का अंधेरा, अबूझ…
पुस्तक का विमोचन करते सीएम साय।
पुस्तक का विमोचन करते सीएम साय।
राज्य सरकार

उजागर : बस्तर में मिटेगा नक्सलवाद का अंधेरा, अबूझमाड़-जगरगुंडा में देश देखेगा 'एजुकेशन सिटी  

मुख्य आयोजन: रायपुर में बस्तर के जमीनी संघर्ष और नक्सलवाद के खात्मे पर आधारित पुस्तक ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ (लेखक: श्री राजीव रंजन प्रसाद एवं सुश्री रचना नायडू) का भव्य विमोचन हुआ। कार्यक्रम में सीएम विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और डिप्टी सीएम विजय शर्मा शामिल हुए।

प्रकाशित: 15 Jun 2026, 11:30 AM · अपडेट: 11 Sep 2026, 02:03 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

चार दशकों तक नक्सलवाद का दंश झेलने वाला बस्तर अब विकास की मुख्यधारा में तेजी से लौट रहा है। बुलेट से बैलट की ओर बढ़ते बस्तर को अब केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में यह ऐतिहासिक बात कही। यह अवसर था बस्तर के जमीनी संघर्ष और माओवाद के खात्मे की दास्तां बयां करती पुस्तक ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ के विमोचन का। इस गरिमामय कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. शशांक शर्मा और पांचजन्य के संपादक  हितेश शंकर सहित देश-प्रदेश के कई वरिष्ठ प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर लंबे समय तक विकास की दौड़ में काफी पीछे छूट गया था। लेकिन अब परिस्थितियां पूरी तरह बदल रही हैं और हमारे पास एक नए, विकसित तथा समृद्ध बस्तर के निर्माण का ऐतिहासिक अवसर है। राज्य सरकार लगातार जमीनी स्तर पर ऐसे प्रयास कर रही है

प्रधानमंत्री के नेतृत्व 

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति को रेखांकित करते हुए कहा कि दो दिन पूर्व ही यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण किए हैं। उनके इस कुशल नेतृत्व में देश ने आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनमें नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में मिली सफलता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद देश की आंतरिक सुरक्षा के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक था, जिसका प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रभावी ढंग से सामना किया गया।

 सुरक्षा बलों का बढ़ा मनोबल

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व समाज में नए विश्वास और उत्साह का संचार करता है। प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद देश में माओवाद के विरुद्ध एक सामूहिक संकल्प विकसित हुआ है। इससे न केवल हमारे सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि बस्तर की आम जनता भी अब खुलकर माओवाद के विरोध में सामने आई है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर रही है। इस वैचारिक और जमीनी संघर्ष में लेखकों, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों ने भी जोखिम उठाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने बस्तर दौरे के दौरान पत्रकारों से मुलाकात कर उनके इस बेखौफ योगदान की सराहना की थी।

4. कठिन दौर के दस्तावेज़ीकरण

पुस्तक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि  राजीव रंजन प्रसाद और रचना नायडू ने यह पुस्तक ऐसे समय में लिखी है, जब बस्तर से माओवाद की समाप्ति हो चुकी है। इस दृष्टि से यह कृति और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। समय के साथ पुरानी स्मृतियां धुंधली हो जाती हैं और घाव भरने लगते हैं, ऐसे में यह बेहद आवश्यक है कि माओवाद के उस कठिन दौर और उससे मुक्ति के लिए किए गए कड़े संघर्ष को दस्तावेज़ी रूप में सुरक्षित रखा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां इससे सीख ले सकें। 

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