कबीरधाम जिले के कुकदूर थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर मिले युवक के शव के मामले में पुलिस ने हत्या का खुलासा किया है। ग्राम बिजोराटोला में प्रेमसिंह बैगा का शव घर में फांसी के फंदे पर लटका मिला था। शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का लग रहा था, लेकिन शव पर मिले चोट के निशानों ने पुलिस का शक बढ़ा दिया।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने दावा किया कि बैगाई-गुनियाई और झाड़-फूंक को लेकर हुए विवाद के बाद प्रेमसिंह की हत्या की गई थी। वारदात को आत्महत्या दिखाने के लिए शव को साड़ी के सहारे फंदे पर लटका दिया गया था। पुलिस के अनुसार घटना 8 अगस्त की है। ग्राम बिजोराटोला में प्रेमसिंह बैगा के फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना मिलने के बाद कुकदूर पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
झाड़-फूंक को लेकर हुआ था विवाद
घटनास्थल का निरीक्षण और शव पंचनामा करने के दौरान मृतक के शरीर पर चोट के निशान दिखाई दिए। इससे पुलिस को मामला संदिग्ध लगा और जांच हत्या की आशंका को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाई गई। पुलिस जांच में सामने आया कि ग्राम कांदावानी निवासी छत्तर सिंह बैगा अपने दामाद चैतराम बैगा के साथ बैगाई-गुनियाई और झाड़-फूंक के सिलसिले में बिजोराटोला आया था। यहां दोनों की मुलाकात प्रेमसिंह से हुई। पुलिस के मुताबिक तीनों ने साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान बैगाई-गुनियाई की बात को लेकर उनके बीच विवाद शुरू हो गया। कहासुनी बढ़ने के बाद विवाद झूमाझटकी और मारपीट तक पहुंच गया। पुलिस का आरोप है कि विवाद के दौरान छत्तर सिंह और चैतराम ने प्रेमसिंह के साथ मारपीट की।हत्या के बाद आत्महत्या दिखाने की कोशिश
इसके बाद साड़ी से उसका गला कस दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। इसके लिए प्रेमसिंह के शव को उसके घर के म्यार में साड़ी के सहारे फंदे पर लटका दिया गया। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने 55 वर्षीय छत्तर सिंह बैगा और उसके 26 वर्षीय दामाद चैतराम बैगा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करने और बाद में शव को फंदे पर लटकाने की बात स्वीकार की है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।