Kabirdham News: यह पूरा मामला ग्राम मुड़वाही का है। पुलिस के अनुसार, 11 सितंबर को सबर सिंह मेरावी ने अपनी पत्नी बतसिया बाई मेरावी (50 वर्ष) की मौत की सूचना झलमला थाने में दी थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेंगाखार भेजा गया। मर्ग जांच के दौरान पुलिस को घटना से जुड़े अहम सुराग मिले। जांच में सामने आया कि 9 सितंबर की रात करीब 10 बजे मृतिका का बेटा तुलसी राम मेरावी अपनी मां पर टोनही होने का आरोप लगाकर उसके साथ मारपीट कर रहा था।
लात-घूंसों और डंडे से की मारपीट
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी मां को लात-घूंसों से पीटा और लकड़ी के डंडे से भी हमला किया। इस मारपीट में महिला को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की छाती में लगी गंभीर चोटों को मृत्यु का कारण बताया गया। इसके बाद पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर मामले को हत्या का मामला मानते हुए कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने आरोपी तुलसी राम मेरावी (21 वर्ष), पिता सबर सिंह मेरावी, निवासी ग्राम मुड़वाही के खिलाफ झलमला थाने में अपराध दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 की धारा 4 और 5 के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। पूछताछ के दौरान आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल लकड़ी के डंडे को उसके घर से बरामद कर जब्त किया है।24 घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए झलमला पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 12 सितंबर को आरोपी तुलसी राम मेरावी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कबीरधाम जितेंद्र कुमार यादव के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी झलमला निरीक्षक आशीष कंसारी के नेतृत्व में की गई। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में फैले अंधविश्वास और टोनही जैसे आरोपों की गंभीर समस्या को उजागर किया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति पर केवल संदेह के आधार पर आरोप लगाकर प्रताड़ित करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचना दें और कानून अपने हाथ में न लें।
