जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां शातिर ठगों ने सीधे-सादे ग्रामीणों को कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए और फिर उनके जरूरी दस्तावेज लेकर रफूचक्कर हो गए। बसना थाना क्षेत्र के ग्राम मनकी निवासी राजकुमार तांडी की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि इन खातों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर साइबर ठगी और अवैध वित्तीय लेन-देन के लिए किया जा सकता है। पीड़ित राजकुमार तांडी के अनुसार, वह खेती-मजदूरी कर अपना गुजारा करता है।
कमीशन का लालच दे कर खुलावा खाता
कुछ समय पहले उसके साडू भाई हेमलाल चौहान ने उसे बताया कि ओडिशा से आए दो युवक एक ऐसी कंपनी से जुड़े हैं, जो नया बैंक खाता खुलवाने पर 1,500 रुपये से लेकर 20,000 रुपये तक का भारी-भरकम कमीशन देती है। इसके बाद राजकुमार की मुलाकात सुनील दुर्गा और थिमोथी छतरिया नाम के दो युवकों से हुई। दोनों ने खुद को ओडिशा का निवासी और जिला सहकारी बैंक का अधिकृत एजेंट बताया। कमीशन के लालच और आरोपियों के झांसे में आकर राजकुमार ने 11 अगस्त को जिला सहकारी बैंक की सरायपाली शाखा में अपना चालू खाता (Current Account) खुलवाया।
वेरिफिकेशन के बहाने से ले गए दस्तावेज
खाता खुलते ही दोनों युवकों ने कंपनी से वेरिफिकेशन कराने का बहाना बनाया और राजकुमार से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड (ATM Card), चेकबुक उसी दिन खरीदा गया नया एयरटेल सिम कार्ड यह कहकर अपने पास रख लिया कि दो-चार दिनों में सारा सामान वापस कर देंगे। हालांकि, इसके बाद दोनों आरोपी गायब हो गए और उनका कोई सुराग नहीं मिला। जब राजकुमार ने आसपास पड़ताल की, तो पता चला कि वह अकेला इस ठगी का शिकार नहीं हुआ है।कमीशन की उम्मीद में फंसे ग्रामीण
गांव के कई अन्य लोग भी इस जाल में फंस चुके हैं, जिनमें मुख्य रूप से गोकुल जगत, डमरूलाल सागर, हेमलाल चौहान, संतोष अग्रवाल, उत्तर कुमार सोना तमाम ग्रामीणों ने कमीशन की उम्मीद में अपने खाते खुलवाए और बैंकिंग दस्तावेजों समेत सिम कार्ड आरोपियों को सौंप दिए। ग्रामीणों का कहना है कि वे गरीब और कम पढ़े-लिखे हैं। उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि किसी अनजान व्यक्ति को अपने बैंकिंग दस्तावेज और सिम देना कानूनी मुसीबत बन सकता है।
ग्रामीणों ने पुलिस से लगाई गुहार
अब ग्रामीणों को डर है कि उनके खातों का इस्तेमाल किसी साइबर अपराध या अवैध पैसों की हेराफेरी के लिए हो सकता है। राजकुमार और अन्य पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके और उनके साथियों के बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से होल्ड/फ्रीज किया जाए। आरोपी सुनील दुर्गा और थिमोथी छतरिया के खिलाफ धोखाधड़ी और साइबर अपराध की संगीन धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।पुलिस कर रही बारीकी से जांच
बसना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि अब तक इन खातों से कितना लेन-देन हुआ है और इन दस्तावेजों को किस नेटवर्क तक पहुंचाया गया है। पुलिस का मानना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एक बड़े साइबर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है।