बरुईपुर रेप केस : मुख्य आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में ढेर, सयानी घोष को झेलना पड़ा जनता का गुस्सा
पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में रेप पीड़िता के घर पहुंचीं जादवपुर सांसद सयानी घोष को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। वहीं मामले का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है।
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विशेष संवाददाता
08 Jul 2026, 03:23 PM
बरुईपुर
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। एक तरफ जहां 12 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई जघन्य घटना के मुख्य आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है, वहीं दूसरी तरफ इस मामले पर राजनीति और जनआक्रोश चरम पर है। बुधवार को जादवपुर संसदीय क्षेत्र की सांसद सयानी घोष जब पीड़ित परिवार से मुलाकात करने बरुईपुर पहुंचीं, तो स्थानीय निवासियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। लोगों ने उनके खिलाफ तीखी नारेबाजी की और स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि सुरक्षाकर्मियों को उन्हें वहां से सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा।
दल-बदल को लेकर जनता में भारी नाराजगी, लगे 'गद्दार' के नारे
सयानी घोष जब नीले बॉर्डर वाली सफेद साड़ी पहनकर बरुईपुर के सूर्यपुर हाट इलाके में पहुंचीं, तो वहां मौजूद भीड़ का गुस्सा भड़क उठा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोग उन्हें 'गद्दार' और 'बेईमान' कहकर चिल्ला रहे थे। भीड़ में शामिल कुछ लोग तो सीधे तौर पर यह पूछते नजर आए कि 'तुम कितने में बिकी?' या बांग्ला भाषा में 'कोतो टका बिक्री होले...' (यानी बिकने के लिए कितने रुपये लिए)।
दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के जो 20 सांसद ममता बनर्जी का साथ छोड़कर एक नई राजनीतिक पार्टी एनसीपीआई में शामिल हो गए थे, सयानी घोष भी उनमें से एक हैं। स्थानीय जनता में उनके इस दल-बदल को लेकर गहरा असंतोष था, जो इस संवेदनशील मौके पर खुलकर सामने आ गया।
मुख्य आरोपी प्रभास मंडल पुलिस एनकाउंटर में ढेर
इस पूरे घटनाक्रम के बीच बुधवार तड़के पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल को एक मुठभेड़ में मार गिराया है। जिला पुलिस प्रशासन की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम आरोपी को घटना का पूरा दृश्य दोबारा समझने (क्राइम सीन रीक्रिएशन) के लिए सूर्यपुर हाट के पास लेकर गई थी। उसी दौरान आरोपी प्रभास ने अचानक एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और गोली चलाकर भागने की कोशिश की।
पुलिस ने बताया कि आत्मरक्षा और आरोपी को रोकने के लिए की गई जवाबी फायरिंग में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत नजदीकी बरुईपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गौरतलब है कि इससे पहले इस मामले के एक अन्य आरोपी इंद्रजीत तंती की आक्रोशित भीड़ ने पीट-पीटकर जान ले ली थी।
सयानी घोष परजनता का गुस्साक्या था पूरा मामला?
यह दर्दनाक घटना जादवपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बरुईपुर में 4 जुलाई को शुरू हुई थी, जब एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की अचानक लापता हो गई थी। अगले दिन उसका शव सूर्यपुर हाट के पास एक बोरी में बंद मिला। इस घटना के बाद से ही पूरे इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा उबल रहा था। घटना से ठीक पहले के सीसीटीवी फुटेज में बच्ची को आरोपियों के साथ देखा गया था, जिससे पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।
सांसद ने मुख्यमंत्री से की थी बात, शांति की अपील
इस दौरे से ठीक पहले सयानी घोष ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सामने इस संवेदनशील मामले को उठाया था और सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने लिखा था कि मुख्यमंत्री ने उन्हें विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सयानी घोष ने कानून हाथ में लेने वाली भीड़ की मानसिकता की निंदा करते हुए कहा था कि सभ्य समाज में भीड़तंत्र की कोई जगह नहीं है और वे बरुईपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के साथ लगातार संपर्क में हैं।
प्रभाव और आगे क्या होगा?
मुख्य आरोपी के मारे जाने और सांसद के भारी विरोध के बाद इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटना के बाद बंगाल की राजनीति में पाला बदलने वाले नेताओं के खिलाफ जनता का विरोध और उग्र हो सकता है। आने वाले दिनों में विपक्ष इस सुरक्षा चूक और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है, जबकि पुलिस प्रशासन इलाके में शांति बनाए रखने के लिए लगातार गश्त कर रहा है।