Bastar Poultry Farming: बड़ांजी में 600 देसी चूजों से महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार
Bastar Poultry Farming: लोहण्डीगुड़ा के बड़ांजी क्षेत्र में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुर्गीपालन योजना शुरू की गई। पहले चरण में 600 देसी चूजों की वैज्ञानिक ब्रुडिंग की जा रही है। 15 दिन बाद 25 चयनित महिला किसानों को 50-50 चूजे वितरित किए जाएंगे।
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कीर्तिमान डेस्क | धनेश्वरी साहू
25 Aug 2026, 05:53 PM
रायपुर
Bastar Poultry Farming: जिले के लोहण्डीगुड़ा ब्लाक अंतर्गत बड़ांजी क्षेत्र के महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आजीविका को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पहल की गई है।
आजीविका सेवा केंद्र लोहाण्डीगुड़ा के तहत नोडल आईएफसी लक्ष्यदीप महिला क्लस्टर संगठन बड़ांजी में मुर्गीपालन योजना के प्रथम चरण की शुरुआत हुई। इसके अंतर्गत ग्राम बड़ांजी की ब्रुडिंग इकाई में 600 देसी मुर्गी के चूजों की ब्रूडिंग का विधिवत शुभारंभ स्थानीय उद्यमी बसंती मांझी द्वारा किया गया।
बड़ांजी में 600 देसी चूजों की ब्रुडिंग शुरू, 25 महिलाओं को मिलेगा रोजगार25 महिला किसानों को मिलेंगे 50-50 देसी चूजे
इस योजना से क्षेत्र की 25 चयनित महिला किसानों को सीधे तौर पर जोड़ा गया है। वर्तमान में इन सभी चूजों को 15 दिनों के लिए वैज्ञानिक ब्रुडिंग प्रक्रिया में रखा गया है, जहां उचित तापमान, संतुलित दाना-पानी और आवश्यक टीकाकरण की पुख्ता व्यवस्था की गई है। संपूर्ण प्रक्रिया का तकनीकी मार्गदर्शन आईएफसी एंकर, सीनियर सीआरपी और पशु सखी द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे चूजों की मृत्यु दर न्यूनतम रहे और उनका विकास बेहतर हो सके। 15 दिनों की देखरेख के पश्चात प्रत्येक लाभार्थी परिवार को 50-50 स्वस्थ देसी चूजे वितरित किए जाएंगे, जिससे महिलाओं को घर पर ही स्थायी स्वरोजगार मिलेगा और उनकी पारिवारिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।