ग्राम पंचायत भोरिंग के विकास कार्यों में व्याप्त अनियमितता, पंचों और आम जनता की उपेक्षा तथा पंचायत फंड में गड़बड़ी को लेकर पंचायत के 18 पंचों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने की मांग की। पंचों ने कलेक्टर विनय कुमार लंगेह से निवेदन किया कि पंचायत में व्याप्त अव्यवस्था को देखते हुए अविलंब आवश्यक कार्रवाई की जाए।
ज्ञातव्य है कि पिछले 4 से 5 दिनों से ग्राम पंचायत भोरिंग के समस्त पंच अविश्वास प्रस्ताव की सूचना देने एसडीएम कार्यालय का लगातार चक्कर लगा रहे थे। लेकिन पंचों का आरोप है कि एसडीएम अक्षा गुप्ता द्वारा उनका आवेदन स्वीकार ही नहीं किया जा रहा था। हर बार उन्हें आज-कल कहकर वापस भेज दिया जा रहा था। प्रशासनिक स्तर पर इस प्रकार की उदासीनता से क्षुब्ध होकर पंचों ने पूर्व पार्षद पंकज साहू के नेतृत्व में आज कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी पीड़ा रखी। कलेक्टर ने पंचों का आवेदन प्राप्त कर उसे नियमानुसार कार्रवाई हेतु एसडीएम को मार्क कर दिया है।
सरपंच ने की विकास कार्यों में घेर लापरवाही
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में पंचों ने सरपंच पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्र में कहा गया है कि सरपंच द्वारा विकास कार्यों में घोर लापरवाही बरती जा रही है, पंचों एवं आम नागरिकों की बातों को सुना ही नहीं जाता। पंचायत के फंड में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी की जा रही है। सरपंच के ससुर द्वारा पंचायत के कार्यों में लगातार हस्तक्षेप कर मनमानी की जा रही है। ग्राम सभा की बैठक में जानबूझकर पंचों को नहीं बुलाया जाता और उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता है।
गांव में विकास कार्य पूरी तरह ठप
ज्ञापन में हटरी बाजार की राशि का गबन, ठेकेदारों से कमीशन लेकर निम्न स्तर का सीसी रोड निर्माण कराना, मनरेगा की राशि का निजी उपयोग तथा पंचों के साथ जातिगत भेदभाव और अभद्रता जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। पंचों का कहना है कि इस स्थिति के कारण गांव में विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं और जनता में आक्रोश व्याप्त है। ज्ञापन सौंपने के दौरान उप सरपंच भेखराम साहू के साथ वार्ड क्रमांक 1 के पंच सतबई नेहरू, हितेंद्र ढीढी, रजिया चेलक, पराग आवड़े, आनंद टंडन, निर्मला साहू, चपेश्वरी साहू, चमन साहू, रुक्मणी साहू, वेद प्रकाश साहू, गीता सोनवानी, खिलेश्वरी साहू, सावित्री साहू, खोरबहरा साहू, हरि साहू, चुम्मन साहू और गायत्री साहू उपस्थित थे। पंचों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और पंचायत को भ्रष्टाचार मुक्त बनाकर विकास के रास्ते पर लाया जाए।
एसडीएम की कार्यशैली पर पूर्व पार्षद ने उठाए सवाल
पूर्व पार्षद पंकज साहू ने एसडीएम के रवैये को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुये कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी इस प्रकार का रवैया अपना रहे हैं। पंचों का आवेदन एसडीएम को लेना चाहिए, लेकिन लगातार 4-5 बार एसडीएम कार्यालय आने के बाद भी पंचों का आवेदन नहीं लेना, उन्हें आजकल कहकर घुमाना एसडीएम की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है। पंचायत राज व्यवस्था में चुने हुए प्रतिनिधियों की आवाज को दबाना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। हम मांग करते हैं कि कलेक्टर महोदय इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू कराएं।