वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के बीच भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने देश से निर्यात (Export) होने वाले डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF - विमान ईंधन) पर विंडफॉल टैक्स (Windfall Tax) में बढ़ोतरी कर दी है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, ये नई दरें आज यानी 16 जून से लागू हो गई हैं और 30 जून तक प्रभावी रहेंगी।
हालाँकि, इस फैसले का देश के आम उपभोक्ताओं की जेब पर कोई असर नहीं पड़ेगा, जो कि एक बड़ी राहत की बात है।
अब कितनी होगी एक्सपोर्ट ड्यूटी?
सरकार द्वारा विंडफॉल टैक्स में की गई इस बढ़ोतरी के बाद निर्यात की नई दरें इस प्रकार होंगी:
डीजल पर टैक्स: सरकार ने डीजल के निर्यात पर 50 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद अब डीजल के एक्सपोर्ट पर कुल ड्यूटी की दर 14 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
ATF पर टैक्स: विमान ईंधन (ATF) के निर्यात पर सबसे बड़ी बढ़ोतरी की गई है। इसमें 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है, जिसके बाद अब एटीएफ एक्सपोर्ट पर ड्यूटी की दर 12.5 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है।
पेट्रोल पर राहत: पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
आम जनता के लिए राहत की बात
इस फैसले का सबसे सकारात्मक पहलू यह है कि घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर इसका कोई असर नहीं होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू इस्तेमाल के लिए मंजूर पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी देश के पेट्रोल पंपों पर तेल पुरानी कीमतों पर ही मिलता रहेगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
हाल ही में मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी भू-राजनीतिक तनाव को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच एक अहम समझौते पर सहमति बनी है। इस कूटनीतिक प्रगति के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
सरकार का मकसद: वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें गिरने से भारतीय निर्यातकों को मिलने वाले अत्यधिक मुनाफे (Windfall Gains) को नियंत्रित करना है। सरकार के मुताबिक, इस टैक्स को बढ़ाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तेल निर्यातक कंपनियां घरेलू बाजार की अनदेखी कर विदेशी कीमतों के अंतर का गलत फायदा (Arbitrage) न उठा सकें और देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।
एक नज़र में टैक्स का गणित:
सरकार हर 15 दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों की समीक्षा करती है, जिसके आधार पर विंडफॉल टैक्स की दरों को घटाया या बढ़ाया जाता है। अगली समीक्षा जून के अंत में होगी।
ईंधन का प्रकार टैक्स में बढ़ोतरी नई एक्सपोर्ट ड्यूटी (प्रति लीटर) घरेलू बाजार पर असर डीजल + 50 पैसे ₹ 14.00 कोई बदलाव नहीं (राहत) ATF (विमान ईंधन) + ₹ 3.00 ₹ 12.50 कोई बदलाव नहीं पेट्रोल ₹ 0.00 कोई बदलाव नहीं कोई बदलाव नहीं (राहत)
