बिहार की राजधानी पटना में शनिवार को वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए ‘बिहार बंद’ के दौरान जबरदस्त हंगामा और पुलिस के साथ तीखी झड़प देखने को मिली। विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा और माहौल बिगड़ने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर लिया है। देर रात कानूनी प्रक्रियाओं के बाद उन्हें पटना की बेऊर जेल भेज दिया गया। यह पूरा प्रदर्शन पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और हाल के दिनों में छात्र आंदोलनों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में आयोजित किया गया था।
तेज प्रताप ने छात्रों को हिंसा के लिए उकसाया
बंद के दौरान पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी करने लगे। पुलिस का आरोप है कि पटना के व्यस्त रामगुलाम चौक पर प्रदर्शन के दौरान तेज प्रताप यादव ने मौजूद छात्रों को हिंसा और उपद्रव के लिए उकसाया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने शहर भर से करीब 200 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में
शुरुआत में तेज प्रताप को भी हिरासत में लिया गया था, लेकिन उस समय कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें छोड़ दिया गया। हालांकि, मामला यहीं शांत नहीं हुआ। शाम को जब तेज प्रताप शहर के 'सिटी सेंटर मॉल' पहुंचे, तो वहां एसपी (लॉ एंड ऑर्डर) की अगुवाई में पुलिस बल ने उन्हें दोबारा गिरफ्तार कर लिया। तेज प्रताप की गिरफ्तारी के बाद पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में दिखा।तेज प्रताप ने की शिक्षा मंत्री और पीएम से इस्तीफे की मांग
देर रात ही उन्हें छज्जू बाग स्थित जज के आवास पर पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेश के बाद उन्हें सीधे पटना की बेऊर जेल स्थानांतरित कर दिया गया। पटना पुलिस के मुताबिक, तेज प्रताप यादव द्वारा दिए गए बयानों और उकसावे के कारण राजधानी पटना समेत बिहार के करीब 13 जिलों में व्यापक स्तर पर उपद्रव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। प्रदर्शन के दौरान तेज प्रताप ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग की थी।
अभिजीत दीपके को बिहार आने का न्योता
इसके अलावा, उन्होंने 'सीजेपी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को भी बिहार आने का न्योता देते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी। फिलहाल तेज प्रताप के जेल जाने के बाद पटना समेत पूरे राज्य में राजनीतिक माहौल गरमा गया है और पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर है।