Bijapur News: जिला मुख्यालय बीजापुर में घरों के राजस्व पट्टे की मांग को लेकर वार्डवासियों ने नगरपालिका कार्यालय का घेराव किया। कांग्रेस पार्टी और विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में वार्ड क्रमांक 1, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने वर्षों से अपने मकानों में रह रहे परिवारों को राजस्व पट्टा देने की मांग उठाई।
मकान तोड़ने के नोटिस से लोगों में बढ़ी चिंता
वार्डवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपने घरों में रह रहे हैं, लेकिन नगरपालिका की ओर से समय-समय पर मकान तोड़ने और घर खाली करने के नोटिस जारी किए जाते हैं। इन नोटिसों के चलते लोगों में डर का माहौल है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों से जहां घर बनाकर रह रहे हैं, उन्हें अचानक खाली करने के बाद वे अपने परिवार को लेकर कहां जाएंगे।
विधायक विक्रम मंडावी ने भाजपा पर लगाए आरोप
प्रदर्शन के दौरान विधायक विक्रम मंडावी ने भाजपा और नगरपालिका अध्यक्ष गीता सोम पुजारी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय लोगों को घर और पट्टा देने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन अब उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय मकान तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है। विधायक ने वार्डवासियों को राजस्व पट्टा देने की मांग को लेकर प्रशासन के सामने अपनी बात रखी।बैरिकेडिंग के बीच नगरपालिका कार्यालय पहुंचे
प्रदर्शनकारी विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी नगरपालिका कार्यालय पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी। विधायक और प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर नगरपालिका के मुख्य गेट तक पहुंचने की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को कार्यालय के भीतर जाने से रोक दिया।
मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद वार्डवासियों ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार बीजापुर को ज्ञापन सौंपा। इसमें लंबे समय से मकानों में रह रहे लोगों को राजस्व पट्टा देने और मकानों को तोड़ने या खाली कराने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से इस मामले में जल्द समाधान निकालने की अपील की।
तहसीलदार ने बताई पट्टा देने की प्रक्रिया
तहसीलदार ने बताई पट्टा देने की प्रक्रिया मामले को लेकर तहसीलदार बीजापुर ने बताया कि पट्टे की मांग को लेकर ग्रामीणों का आवेदन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि राजस्व भूमि के आबादी क्षेत्र में जिन लोगों का कब्जा है, उन्हें नियमों के अनुसार पट्टा दिया जाना संभव है और इस संबंध में प्रक्रिया जारी है। हालांकि वन विभाग की जमीन पर पट्टा दिया जाना संभव नहीं होगा।प्रशासन की कार्रवाई पर बनी नजर
राजस्व पट्टे की मांग और मकानों को लेकर वार्डवासियों तथा नगरपालिका के बीच चल रहे विवाद के बीच अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर है। लोगों को उम्मीद है कि नियमों के तहत उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा और वर्षों से रह रहे परिवारों को राहत मिलेगी।

