Sunday, 08 Nov 2026 भारत
ब्रेकिंग
Road Accident: पटना से रायपुर जा रही रॉयल बस हादसे का शिकार, ट्रक चालक की मौके पर मौत Murder Case: खेत में मिला लापता मासूम का शव, हत्या के मामले में करीबी रिश्तेदार संदेह के घेरे में Crime News: शराब के नशे में दामाद बना हैवान,कुल्हाड़ी से हमला कर 60 वर्षीय मामा ससुर की ली जान Harassment Case: कार और दो लाख की मांग ने ली विवाहिता की जान, पति, सास और ससुर गिरफ्तार Online Betting: किराए के कमरे में चल रहा था ऑनलाइन सट्टा, 4 युवकों पकड़ाए Fraud Case: 1,000 करोड़ के फर्जीवाड़ा, रायपुर के कारोबारी महेंद्र गोयनका को दबोचने पहुंची कोलकाता पुलिस, परिवार समेत फरार Road Accident: पटना से रायपुर जा रही रॉयल बस हादसे का शिकार, ट्रक चालक की मौके पर मौत Murder Case: खेत में मिला लापता मासूम का शव, हत्या के मामले में करीबी रिश्तेदार संदेह के घेरे में Crime News: शराब के नशे में दामाद बना हैवान,कुल्हाड़ी से हमला कर 60 वर्षीय मामा ससुर की ली जान Harassment Case: कार और दो लाख की मांग ने ली विवाहिता की जान, पति, सास और ससुर गिरफ्तार Online Betting: किराए के कमरे में चल रहा था ऑनलाइन सट्टा, 4 युवकों पकड़ाए Fraud Case: 1,000 करोड़ के फर्जीवाड़ा, रायपुर के कारोबारी महेंद्र गोयनका को दबोचने पहुंची कोलकाता पुलिस, परिवार समेत फरार
W 𝕏 f
होम › बीजापुर › शिक्षा की नई किरण: जहां कभी था सन्नाटा, वहां अब ग…
मेट्टापारा स्कूल में बच्चों का स्वागत
मेट्टापारा स्कूल में बच्चों का स्वागत
बीजापुर

शिक्षा की नई किरण: जहां कभी था सन्नाटा, वहां अब गूंज रही बच्चों की आवाज, 25 साल बाद खुला स्कूल

अतिसंवेदनशील मेट्टापारा (कोरसागुड़ा) में 25 साल बाद प्राथमिक शाला फिर से शुरू हो गई है। नक्सल प्रभाव के कारण लंबे समय से बंद पड़े स्कूल के खुलने से ग्रामीणों और बच्चों में खुशी का माहौल है। प्रशासन और ग्रामीणों के प्रयास से अब सुदूर क्षेत्र के बच्चों को गांव में ही शिक्षा का अवसर मिलेगा।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 09 Aug 2026, 06:51 PM · अपडेट: 31 Oct 2026, 04:14 PM
बीजापुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
बस्तर संभाग से शिक्षा के क्षेत्र में एक बेहद सकारात्मक खबर सामने आई है। बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले अतिसंवेदनशील और सुदूर क्षेत्र मेट्टापारा की प्राथमिक शाला को लगभग 25 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद फिर से विधिवत रूप से शुरू कर दिया गया है। कभी माओवादी गतिविधियों और सुरक्षा चुनौतियों के कारण जहां शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई थी, वहीं अब प्रशासन, सुरक्षा बलों और स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों से क्षेत्र में नई उम्मीद दिखाई दे रही है। विद्यालय के दोबारा शुरू होने से गांव के बच्चों को अब शिक्षा के लिए दूर-दराज के इलाकों में जाने की मजबूरी नहीं रहेगी। लंबे समय से बंद पड़े इस स्कूल भवन में एक बार फिर बच्चों की आवाजें गूंजने लगी हैं।

स्कूल खुलने पर गांव में जश्न का माहौल

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय खुलने से आने वाली पीढ़ी को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा और क्षेत्र में विकास की नई शुरुआत होगी। ढाई दशक बाद स्कूल खुलने पर गांव में जश्न का माहौल लगभग ढाई दशकों से बंद पड़े इस विद्यालय के पुनः प्रारंभ होने की खबर मिलते ही पूरे गांव में खुशी का माहौल बन गया। स्कूल खुलने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों ने इसे किसी बड़े उत्सव से कम नहीं माना। बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

शिक्षा से जुड़ेगा सुदूर क्षेत्र

उद्घाटन समारोह के दौरान जनप्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों ने मिलकर नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत किया। छोटे-छोटे बच्चों को तिलक लगाकर, पुष्पमालाएं पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्कूल में प्रवेश कराया गया। इस अवसर पर बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी शैक्षणिक सामग्री और पाठ्यपुस्तकें भी वितरित की गईं। शिक्षा से जुड़ेगा सुदूर क्षेत्र, बच्चों को मिलेगा नया अवसर मेट्टापारा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में विद्यालय का पुनः संचालन शिक्षा के साथ-साथ विकास और विश्वास बहाली की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

शिक्षा की नई शुरुआत

वर्षों तक नक्सल प्रभाव के कारण यहां के ग्रामीणों को कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ा था। अब स्कूल के खुलने से बच्चों को अपने गांव में ही प्रारंभिक शिक्षा मिल सकेगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्कूल संचालन को नियमित बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। शिक्षकों की नियुक्ति और बच्चों की पढ़ाई को सुचारू रूप से चलाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि दूरस्थ क्षेत्रों के सभी बच्चों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों की भागीदारी से बदलेगी तस्वीर विद्यालय के पुनः शुरू होने में स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है।

विकास की ओर बढ़ता मेट्टापारा

ग्रामीणों ने स्कूल संचालन को लेकर उत्साह दिखाया और बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने का संकल्प लिया। उनका मानना है कि शिक्षा ही क्षेत्र के विकास और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का सबसे मजबूत आधार है। मेट्टापारा प्राथमिक शाला का दोबारा खुलना केवल एक स्कूल की शुरुआत नहीं, बल्कि उस क्षेत्र में बदलाव और नई उम्मीद का प्रतीक माना जा रहा है। वर्षों बाद स्कूल परिसर में लौटती बच्चों की चहल-पहल यह संदेश दे रही है कि शिक्षा और विकास की रोशनी अब सुदूर इलाकों तक पहुंच रही है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें