दुर्ग जिले की जेवरा सिरसा चौकी पुलिस ने करोड़ों के कारोबार करने वाली कंपनी में लंबे समय से चल रहे गबन के मामले का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 38 लाख रुपये के गबन के आरोप में फरार चल रहे एरिया सेल्स ऑफिसर राजेश जायसवाल को बिलासपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कंपनी की बिक्री से मिली रकम को कंपनी खाते में जमा न कर निजी उपयोग में खर्च करने का आरोप है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि राजेश जायसवाल गोयल ट्रेडर्स में एरिया सेल्स ऑफिसर के पद पर कार्यरत था। उसकी जिम्मेदारी चाय पत्ती, सेवई, वाशिंग पाउडर और अन्य पैकेजिंग सामग्री की बिक्री के बाद व्यापारियों से भुगतान वसूलना था। आरोपी बाजार से रकम तो वसूलता था, लेकिन उसे कंपनी के खाते में जमा करने के बजाय खुद के पास रख लेता था।
मकान निर्माण और निजी खर्चों में उड़ाए लाखों रुपये
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने वर्ष 2020 से 2022 के बीच लगातार 26 महीनों तक कंपनी के साथ धोखाधड़ी की। इस दौरान उसने करीब 38 लाख रुपये का गबन कर लिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने इस रकम का इस्तेमाल निजी मकान निर्माण, घरेलू खर्च और अन्य व्यक्तिगत कार्यों में किया। लंबे समय तक हिसाब-किताब में गड़बड़ी छिपाए रखने के लिए आरोपी रिकॉर्ड में भी हेरफेर करता रहा।
कंपनी ऑडिट में खुली बड़ी गड़बड़ी
बताया जा रहा है कि कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड और बिक्री खातों के ऑडिट के दौरान रकम में भारी अंतर सामने आया। इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने आंतरिक जांच शुरू की, जिसमें लाखों रुपये की अनियमितता उजागर हुई। जांच पूरी होने के बाद मामले की शिकायत जेवरा सिरसा चौकी में दर्ज कराई गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409 और 420 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी प्रभारी खगेन्द्र पठारे के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस लगातार आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर रही थी। आखिरकार पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बिलासपुर में छिपा हुआ है। इसके बाद टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
बैंक खातों और लेन-देन की जांच जारी
पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, संपत्ति और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि गबन की राशि का कुछ हिस्सा अन्य जगहों पर भी निवेश किया गया हो सकता है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि मामले में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
