Bilaspur News: स्टेट जीएसटी विभाग ने टैक्स चोरी और व्यापारिक अनियमितताओं की शिकायतों को लेकर बिलासपुर और मुंगेली जिले में बड़ी जांच कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने दोनों जिलों के कुल 6 व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर दस्तावेजों और लेन-देन की जांच की। कार्रवाई में मुंगेली के तीन होटल और बिलासपुर के व्यापार विहार क्षेत्र के तीन व्यापारी शामिल रहे।
GST विभाग की टीम ने बिलासपुर के व्यापार विहार स्थित तीन व्यापारियों के यहां जांच की। इनमें गुटखा, ड्राई फ्रूट्स और तेल का कारोबार करने वाले व्यापारी शामिल हैं। अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों में रखे रिकॉर्ड, बिलिंग प्रक्रिया और टैक्स से जुड़े दस्तावेजों की जांच की।
टैक्स चोरी और बोगस बिलिंग पर विभाग की नजर
अधिकारियों के अनुसार, प्रदेशभर में स्टेट जीएसटी और सेंट्रल जीएसटी विभाग द्वारा टैक्स चोरी, फर्जी बिलिंग और ई-वे बिल में गड़बड़ी के मामलों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत मुंगेली के कुछ होटल और रेस्टोरेंट में टैक्स नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई।
कच्चे बिल के जरिए टैक्स बचाने की शिकायत
जांच के दौरान विभाग को कुछ प्रतिष्ठानों में कच्चे बिल के इस्तेमाल और सही तरीके से टैक्स जमा नहीं करने से जुड़ी शिकायतों की जानकारी मिली थी। इसके बाद टीम ने संबंधित कारोबारियों के रिकॉर्ड खंगाले और नियमों के अनुसार कार्रवाई की।मुंगेली के तीन प्रतिष्ठानों में भी पहुंची GST टीम
मुंगेली में विभाग की टीम ने बलानी चौक स्थित मोनिका ज्वेलर्स, पड़ाव चौक स्थित दिनेश ज्वेलर्स और धरमपुरा मेन रोड स्थित नुक्कड़ ढाबे की जांच की। अधिकारियों ने यहां भी व्यापारिक रिकॉर्ड और टैक्स से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की।
नुक्कड़ ढाबे पर लगाया गया 20 हजार रुपए का जुर्माना
मुंगेली के धरमपुरा मेन रोड स्थित नुक्कड़ ढाबे पर जांच के बाद 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। विभाग के अनुसार, जांच में कच्चे बिल से संबंधित मामले सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।बावा होटल पर 60 लाख रुपए की पेनाल्टी
मुंगेली के पड़ाव चौक स्थित वैष्णव मिष्ठान भंडार यानी बावा होटल पर GST विभाग की सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विभाग ने होटल पर 60 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई है। इसके साथ ही टैक्स से जुड़े मामलों में आगे की कार्रवाई भी की गई है।
GST विभाग ने जारी रखा है जांच अभियान
स्टेट जीएसटी विभाग का कहना है कि टैक्स नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग की नजर उन व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर है, जहां टैक्स चोरी, गलत बिलिंग या अन्य वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही हैं।

