जन्मदिन को बनाया यादगार : बच्चों के साथ खुशियां बांटकर पेश की मिसाल, दिया संस्कारों का संदेश
बसना के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अरेकेल में शिक्षिका रेखा पाण्डेय ने अपने जन्मदिन पर विद्यार्थियों के लिए न्योता भोजन का आयोजन किया। बच्चों के साथ खुशियां बांटते हुए उन्होंने शिक्षा के साथ संस्कार और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया।
कीर्तिमान डेस्क
23 Jul 2026, 06:23 PM
बसना
आजकल जन्मदिन पर महंगे आयोजनों और पार्टियों का चलन बढ़ गया है, लेकिन बसना विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय (अरेकेल) से एक बेहद खूबसूरत और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। यहाँ पदस्थ शिक्षिका रेखा पाण्डेय ने अपने जन्मदिन को किसी होटल या घर पर मनाने के बजाय स्कूल के बच्चों के बीच जाकर खास बना दिया। शिक्षिका ने इस मौके पर विद्यार्थियों के लिए ‘न्योता भोजन’ का आयोजन किया और बच्चों के साथ अपनी खुशियां बांटीं।
शिक्षिका रेखा पाण्डेय बच्चों के साथ जन्मदिन मनाते हुए
केक काटा, बच्चों को खिलाई खीर-पूड़ी
विद्यालय परिसर में आयोजित इस सादे मगर आत्मीय कार्यक्रम में शिक्षिका रेखा पाण्डेय ने शिक्षकों और विद्यार्थियों की मौजूदगी में केक काटा। इसके बाद सभी बच्चों को बड़े ही प्यार से खीर, पूड़ी और मिठाइयाँ परोसी गईं। बच्चों के चेहरों पर तैरती मुस्कान ने इस आयोजन की सार्थकता पर मुहर लगा दी। विद्यार्थियों ने भी अपनी प्यारी मैडम को उत्साहपूर्वक जन्मदिन की ढेरों बधाइयां दीं। वहीं स्कूल स्टाफ की ओर से शिक्षिका को उपहार भेंट कर उनके इस नेक प्रयास के लिए सम्मानित किया गया।
पढ़ाई के साथ संस्कार देना भी जरूरी
इस मौके पर अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षिका रेखा पाण्डेय ने कहा: स्कूल केवल किताबी ज्ञान देने की जगह नहीं है, यह बच्चों में संस्कार और मानवीय मूल्य गढ़ने की भी पाठशाला है। जब हम अपनी खुशियों में इन मासूमों को शामिल करते हैं, तो उनके अंदर अपनत्व और सामाजिक सरोकार की भावना जागती है। बच्चों के चेहरे की यह निश्छल मुस्कान ही मेरे लिए जन्मदिन का सबसे बड़ा तोहफा है।
जन्मदिन पर शिक्षिका ने बच्चों को कराया भोजन, दिया संस्कारों का संदेश
स्कूल परिवार ने की पहल की सराहना
विद्यालय के प्रभारी प्रधान पाठक प्रेमचन्द साव ने शिक्षिका के इस कदम की दिल खोलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जन्मदिन को सिर्फ व्यक्तिगत खुशी तक सीमित न रखकर समाज और बच्चों के साथ बांटना एक अनुकरणीय पहल है। इससे बच्चों में साझा संस्कृति, प्रेम और सहयोग की भावना मजबूत होती है। कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक स्कूल के प्रधान पाठक रत्नाकर, शिक्षक हीराधर साव, आसमा परवीन, सरिता सिदार समेत विद्यालय का पूरा स्टाफ और विद्यार्थी मौजूद रहे।