Bittu The Devastation Novel: पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनोखी मिसाल पेश करने वाले ब्यावरा निवासी बिट्टू तबाही की प्रेरणादायक कहानी अब किताब के जरिए दुनिया तक पहुंचेगी। पूर्व आईएएस अधिकारी नियाज खान ने बिट्टू के संघर्ष और अजनार नदी के कायाकल्प के प्रयासों पर आधारित एक अंग्रेजी उपन्यास लिखने की घोषणा की है।
इस नॉवेल का नाम ‘BITTU THE DEVASTATION’ रखा गया है। नियाज खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए बताया कि बिट्टू तबाही का काम केवल एक नदी की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और समाज को जागरूक करने वाली एक बड़ी कहानी है।
बिट्टू की कहानी बनेगी नॉवेल
उन्होंने कहा कि बिट्टू ने जिस तरह अकेले प्रयास कर अजनार नदी को नया जीवन देने का काम किया, वह पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा बन सकता है। काल्पनिक रूप में पेश होगी वास्तविक कहानी पूर्व आईएएस नियाज खान के अनुसार, यह उपन्यास बिट्टू तबाही के वास्तविक कार्यों और संघर्षों से प्रेरित होगा। हालांकि इसकी कहानी को साहित्यिक रूप देने के लिए काल्पनिक शैली में लिखा जाएगा, ताकि देश-दुनिया के ज्यादा से ज्यादा पाठकों तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंच सके।
पर्यावरण बचाने का संदेश
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि अगर एक व्यक्ति धरती और पर्यावरण को बचाने के लिए इतना बड़ा प्रयास कर सकता है, तो समाज के सभी लोग मिलकर प्रकृति की रक्षा में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने चिंता जताई कि आज पर्यावरण कई चुनौतियों का सामना कर रहा है और इसे बचाने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है।
अजनार नदी को नई जिंदगी देने का उठाया था बीड़ा ब्यावरा के रहने वाले बिट्टू तबाही उस समय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने गंदगी और उपेक्षा का शिकार हो चुकी अजनार नदी की सफाई का जिम्मा खुद उठाया।
बिना मदद के बदली नदी की तस्वीर
बिना किसी बड़े संसाधन या सरकारी अभियान के उन्होंने अपने स्तर पर नदी की सफाई शुरू की और लगातार मेहनत करते हुए इसके कायाकल्प का काम किया। उनके इस अभियान ने स्थानीय लोगों को भी प्रेरित किया और धीरे-धीरे यह प्रयास सोशल मीडिया और प्रशासन तक पहुंचा। बिट्टू के पर्यावरण प्रेम और समर्पण की लोगों ने जमकर सराहना की।
दुनिया तक पहुंचेगी बिट्टू की कहानी
पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगी किताब ‘BITTU THE DEVASTATION’ के जरिए नियाज खान एक ऐसे व्यक्ति की कहानी दुनिया के सामने रखना चाहते हैं, जिसने अपने प्रयासों से यह साबित किया कि बदलाव की शुरुआत एक व्यक्ति से भी हो सकती है। यह उपन्यास पर्यावरण बचाने की दिशा में लोगों को प्रेरित करने का काम करेगा।
बिट्टू तबाही का सफर अब केवल अजनार नदी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किताब के माध्यम से उनकी कहानी देश-विदेश के पाठकों तक पहुंचने की तैयारी में है।

