आगामी चुनावों को फतह करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने संगठन को नई धार देने की कवायद शुरू कर दी है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बहुप्रतीक्षित नई कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है। इस बार की टीम में जहां एक ओर पार्टी के कई अनुभवी और पुराने नेताओं पर फिर से भरोसा जताया गया है, वहीं कई दिग्गजों की छुट्टी कर सबको चौंका भी दिया है। सबसे ज्यादा चर्चा अनुराग ठाकुर, राघव चड्ढा और तेजस्वी सूर्या जैसे चर्चित युवा चेहरों की हो रही है, जिनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अब सियासी गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। नई टीम पर नजर डालें तो साफ पता चलता है कि पार्टी ने संगठन में बड़े पैमाने पर बदलाव किए हैं।
सौंपी गई अहम जिम्मेदारियां
कई पुराने नेताओं को बरकरार रखते हुए बड़ी संख्या में नए चेहरों को भी एंट्री दी गई है। इसके अलावा, कुछ मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों को भी संगठन में अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कई पुराने और अनुभवी नेताओं को इस बार किनारे कर दिया गया है। दिग्गज नेता पीयूष गोयल को एक बार फिर से पार्टी का कोषाध्यक्ष (Treasurer) नियुक्त किया गया है। वहीं, हर्ष मल्होत्रा और पंकज चौधरी को अलग-अलग राज्यों में संगठन को मजबूत करने का जिम्मा सौंपा गया है।
कद्दावर नेताओं का नाम नहीं होने पर सवाल
इन बड़े सांगठनिक बदलावों के बाद अब दिल्ली में संभावित कैबिनेट फेरबदल की अटकलों ने भी जोर पकड़ लिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और हिमाचल प्रदेश की राजनीति के कद्दावर नेता अनुराग ठाकुर का नाम नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। केंद्र सरकार में काम करने का उनके पास लंबा अनुभव है। ऐसे में राजनीतिक पंडितों का मानना है कि पार्टी उन्हें किनारे नहीं कर रही है, बल्कि संगठन के बजाय जल्द ही केंद्र सरकार में कोई अहम और बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में है।पंजाब के कई नेताओं को महत्वपूर्ण पद
आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर बीजेपी का दामन थामने वाले राघव चड्ढा को भी नई टीम में कोई जगह नहीं मिल पाई है। दिलचस्प बात यह है कि पंजाब से जुड़े कई अन्य नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण पद दिए गए हैं, लेकिन चड्ढा के हाथ खाली रहे। ऐसे में उनके राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, माना जा रहा है कि आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों से ठीक पहले पार्टी आलाकमान उनके लिए किसी खास 'रोल' की रूपरेखा तैयार कर सकता है।
पार्टी के फैसलों पर टिकी सब की निगाहें
बेंगलुरु दक्षिण से सांसद और फायरब्रांड नेता तेजस्वी सूर्या का भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल पूरा हो गया है। अब उनकी जगह यह जिम्मेदारी हेमांग जोशी को सौंपी गई है। सूर्या ने अपने कार्यकाल में काफी सक्रियता दिखाई और पार्टी के हर निर्देश को जमीन पर उतारा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी उनके भविष्य के लिए क्या खाका खींच रही है। सूत्रों की मानें तो आगामी मंत्रिमंडल विस्तार में तेजस्वी सूर्या को बड़ी जिम्मेदारी देकर चौंकाया जा सकता है।