वैश्विक विकास पर मंथन
ओपन सेशन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का प्रमुख ओपन सेशन आज सुबह 10 बजकर 50 मिनट में आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में ब्रिक्स के पार्टनर देशों के प्रतिनिधि और आमंत्रित अतिथि शामिल होंगे। इस बैठक की थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता: समावेशी वैश्विक विकास के भविष्य को आकार देना” (Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability: Shaping the Future for Inclusive Global Growth) रखी गई है। सत्र के दौरान दुनिया के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों, विकास की नई संभावनाओं और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा होगी।
भारत की कूटनीति पर नजर
भारत की कूटनीतिक भूमिका पर दुनिया की नजर इस बार ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी भारत के लिए रणनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है। भारत ने सम्मेलन के दौरान विकासशील देशों की प्राथमिकताओं, वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज और संतुलित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर जोर दिया है। सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने, व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने, तकनीकी नवाचार और सतत विकास जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हुई।ब्रिक्स विस्तार और नए सहयोग पर चर्चा ब्रिक्स समूह में नए साझेदार देशों की भागीदारी के बाद संगठन का दायरा पहले से ज्यादा बढ़ा है। इस सम्मेलन में सदस्य और साझेदार देश वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में अपनी भूमिका को लेकर विचार साझा कर रहे हैं।
वैश्विक विकास पर फोकस
विशेषज्ञों के मुताबिक, ब्रिक्स का बढ़ता प्रभाव वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में विकासशील देशों की भागीदारी को नई दिशा दे सकता है। अंतिम दिन कई अहम मुद्दों पर बन सकती है सहमति सम्मेलन के अंतिम चरण में नेताओं और प्रतिनिधियों के बीच कई महत्वपूर्ण विषयों पर सहमति बनने की संभावना है। इनमें आर्थिक सहयोग, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक शांति जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।
भारत की कोशिश है कि ब्रिक्स मंच के माध्यम से सभी देशों के बीच सहयोग और संवाद को बढ़ावा दिया जाए, जिससे वैश्विक विकास को अधिक समावेशी बनाया जा सके।

