CG Bus Fare Increase: बस यात्रियों को महंगाई का झटका, छत्तीसगढ़ में बढ़ा किरा
CG Bus Fare Increase: छत्तीसगढ़ में यात्री बसों का किराया बढ़ने से आम यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। नई दरों के अनुसार, साधारण बस का किराया 1 रुपये से बढ़ाकर 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। रायपुर से बिलासपुर और जगदलपुर जैसे प्रमुख रूटों पर भी सफर महंगा हो गया है। किराया वृद्धि के पीछे बस ऑपरेटरों ने डीजल, टायर और मेंटेनेंस की बढ़ती लागत को वजह बताया है।
CG Bus Fare Increase: रोज़ाना बस से सफर करने वाले आम यात्रियों की जेब पर एक बार फिर बड़ा आर्थिक बोझ आ गया है। राज्य सरकार ने यात्री
बसों के किराए में ताबड़तोड़ बढ़ोतरी कर दी है, जिससे रोज़ाना सफर करने वाले और नौकरीपेशा लोग खासे परेशान हैं। परिवहन विभाग की ओर से जारी नई अधिसूचना के बाद अब यात्रियों को हर किलोमीटर के लिए पहले से ज्यादा पैसे चुकाने होंगे।
कितना बढ़ गया है किराया?
नई दरों के मुताबिक, साधारण बसों में अब प्रति किलोमीटर का किराया 1 रुपये से बढ़ाकर 1 रुपये 75 पैसे कर दिया गया है। इसके अलावा, शुरुआती 5 किलोमीटर का न्यूनतम किराया भी 8 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी सिर्फ
साधारण बसों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि डीलक्स, लग्जरी और एसी स्लीपर बसों के किराए में भी इसी अनुपात में भारी इजाफा किया गया है।
लंबी दूरी के सफर पर पड़ा सीधा असर
किराए में हुई इस अचानक बढ़ोतरी से लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों का पूरा बजट बिगड़ गया है। प्रमुख रूटों पर नए किराए इस प्रकार हैं:
रायपुर से बिलासपुर: जहाँ पहले 133 रुपये लगते थे, वहीं अब इसके लिए 228 रुपये चुकाने होंगे—यानी सीधे तौर पर 95 रुपये ज्यादा।
रायपुर से जगदलपुर: 300 रुपये के मुकाबले अब इस सफर के लिए 521 रुपये का टिकट खरीदना होगा, जिससे यात्रियों को 221 रुपये का बड़ा झटका लगा है।
रायपुर से अंबिकापुर और जशपुर: इन रूटों पर भी सफर काफी महंगा हो गया है, जहाँ यात्रियों को क्रमशः 230 रुपये और 346 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं।
एक साल के भीतर दूसरा बड़ा झटका
गौरतलब है कि महंगाई के इस दौर में जनता पर यह मार एक साल के भीतर दूसरी बार पड़ी है। हालांकि, पिछले साल सरकार ने प्रति किलोमीटर का किराया घटाकर थोड़ी राहत जरूर दी थी, लेकिन इस ताज़ा फैसले ने उस राहत को पूरी तरह से बेअसर कर दिया है।
ऑपरेटरों की जिद के आगे झुकी सरकार?
सूत्रों और जानकारों का मानना है कि यह फैसला बस मालिकों के लगातार दबाव का नतीजा है। पिछले कई दिनों से बस ऑपरेटर डीजल के दाम बढ़ने, टायर, स्पेयर पार्ट्स और गाड़ियों के मेंटेनेंस का हवाला देते हुए किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि पुराने किराए पर बस चलाना घाटे का सौदा साबित हो रहा है और चेतावनी दी थी कि मांग पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। इसी दबाव के चलते आखिरकार परिवहन विभाग को झुकना पड़ा और नई दरों का ऐलान करना पड़ा। बता दें कि छत्तीसगढ़ में कुल 13 हजार से अधिक बसें रजिस्टर्ड हैं, जिनमें करीब 5 हजार साधारण बसें हैं। इन्हीं बसों में राज्य का गरीब और मध्यम वर्ग रोजाना सफर करता है, और किराए में हुई इस बेतहाशा बढ़ोतरी ने उनकी रोजमर्रा की चिंता बढ़ा दी है।