CG News: जिले के उरमाल ग्राम पंचायत में प्राथमिक शाला के अतिरिक्त कक्ष भवन के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। समग्र शिक्षा मद से करीब 8 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे इस भवन में निर्माण मापदंडों की अनदेखी किए जाने के आरोप लगे हैं। शुक्रवार को स्लैब ढलाई के दौरान सेंट्रिंग और अन्य तकनीकी खामियों को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई।
सरपंच के निरीक्षण में सामने आई निर्माण संबंधी गड़बड़ियां
प्राथमिक शाला के अतिरिक्त कक्ष में स्लैब ढलाई की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान निर्माण कार्य में अनियमितता की शिकायत मिलने पर ग्राम सरपंच खगेश्वर ध्रुव पंचायत पदाधिकारियों के साथ निर्माण स्थल पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्हें काम में कई खामियां नजर आईं। इसके बाद सरपंच ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) के तकनीकी सहायक को इसकी जानकारी दी।
बीम, स्लैब और सेंट्रिंग के काम में मिली तकनीकी खामियां
मौके पर पहुंचे आरईएस के तकनीकी सहायक ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। शुरुआती जांच में बीम का निर्माण निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाया गया। तकनीकी सहायक के अनुसार, जहां 9 सेंटीमीटर का निर्माण होना था, वहां 20 सेंटीमीटर का निर्माण किए जाने की बात सामने आई। इसके अलावा स्लैब में निर्धारित 4 सेंटीमीटर की ढलान भी नहीं मिली।
काम रोकने के निर्देश के बाद भी ढलाई जारी रखने का आरोप
निर्माण कार्य में गड़बड़ी सामने आने के बाद तकनीकी सहायक ने काम रोकने को कहा, लेकिन आरोप है कि साइट इंचार्ज ने निर्देशों का पालन नहीं किया। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और धमकी भरे लहजे में बातचीत किए जाने की बात भी सामने आई है। मौके पर उपयंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया।
ठेकेदार पर सरपंच को धमकाने का आरोप
ग्राम सरपंच खगेश्वर ध्रुव के मुताबिक, निर्माण कार्य में गड़बड़ी को लेकर उन्होंने निर्माण एजेंसी यूनाइटेड ट्रेड्स के प्रोपराइटर सफदर हुसैन से फोन पर बात की थी। सरपंच का आरोप है कि ठेकेदार ने गलती स्वीकार कर काम में सुधार करने के बजाय पंचायत प्रतिनिधियों को ही अपनी सीमा में रहने की बात कही। सरपंच के अनुसार, ठेकेदार ने कहा कि उन्हें पंचायतों में किस तरह काम होता है, इसकी पूरी जानकारी है।जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
करीब 8 लाख रुपये की लागत से बन रहे स्कूल भवन में सामने आई तकनीकी खामियों के बाद अब निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और पूरे काम की जांच पर नजर रहेगी। आरईएस के तकनीकी सहायक तामेश्वर साहू ने स्पष्ट किया है कि मामले को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा।












