CG Politics: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) और बिजली वितरण में निजी कंपनियों की भागीदारी को लेकर राजनीति तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने दोनों मुद्दों पर सरकार को घेरा है। उनका कहना है कि यूसीसी से आदिवासी समाज के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी की ओर से लाइसेंस मांगे जाने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई है।
UCC के विरोध में कांग्रेस
छत्तीसगढ़ में यूसीसी लागू करने को लेकर सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है। कमेटी ने गुरुवार को रायपुर में समाज प्रमुखों और प्रबुद्ध लोगों के साथ बैठक कर इस विषय पर चर्चा की।
वहीं पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने यूसीसी का विरोध किया है। उनका आरोप है कि यह आदिवासी समाज के हितों के खिलाफ है और इससे उनके अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर आरएसएस पर भी निशाना साधते हुए इसे आदिवासियों के खिलाफ साजिश बताया।
सरकार ने कहा- आदिवासी रहेंगे बाहर
यूसीसी को लेकर सरकार की ओर से पहले ही साफ किया जा चुका है कि आदिवासी वर्ग को इसके दायरे से बाहर रखा जाएगा। इसके बावजूद कांग्रेस ने कई सवाल उठाए हैं।
UCC को लेकर अब तक की प्रमुख बातें-
- सरकार ने उच्च स्तरीय कमेटी बनाई है।
- कमेटी समाज के अलग-अलग वर्गों से राय ले रही है।
- कांग्रेस यूसीसी का विरोध कर रही है।
- सरकार ने आदिवासी वर्ग को इसके दायरे से बाहर रखने की बात कही है।
बिजली वितरण में निजी भागीदारी पर सवाल
यूसीसी के साथ प्रदेश में बिजली वितरण का मुद्दा भी गरमा गया है। दीपक बैज ने कहा कि एक निजी कंपनी ने राजधानी रायपुर में बिजली वितरण के लिए लाइसेंस मांगा है। बैज का आरोप है कि सरकार निजी कंपनियों को बिजली वितरण में लाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने आशंका जताई कि निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से बिजली उपभोक्ताओं पर ज्यादा आर्थिक बोझ पड़ सकता है। कांग्रेस ने साफ किया है कि वह बिजली वितरण में निजी भागीदारी के मुद्दे का विरोध करेगी।
क्या है बिजली वितरण का मामला ?
जानकारी के मुताबिक, टाटा समूह से जुड़ी कंपनी ने रायपुर क्षेत्र में बिजली वितरण के लिए लाइसेंस की अनुमति मांगी है। हालांकि किसी कंपनी का लाइसेंस के लिए आवेदन करना और सरकारी बिजली कंपनी का निजीकरण होना अलग-अलग बातें हैं। ऐसे में निजीकरण की बात फिलहाल कांग्रेस की ओर से लगाया गया आरोप है।
निकाय चुनाव को लेकर भी कांग्रेस सक्रिय
इन दोनों मुद्दों के बीच कांग्रेस ने आगामी नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियां भी तेज कर दी हैं। दीपक बैज का कहना है कि सभी निकायों के लिए पार्टी की टीम तैयार है। कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। प्रदेश में आने वाले समय में 15 नगरीय निकायों में चुनाव प्रस्तावित बताए जा रहे हैं। इनमें 4 नगर निगम, 5 नगर पालिका और 6 नगर पंचायत शामिल हैं।
कांग्रेस का दावा है कि इनमें से ज्यादातर निकायों में उसकी मजबूत स्थिति है। ऐसे में यूसीसी, बिजली वितरण और नगरीय निकाय चुनाव को लेकर आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति और गरमा सकती है।