छत्तीसगढ़ में नया शैक्षणिक सत्र 16 जून से कई महत्वपूर्ण बदलावों और नई व्यवस्थाओं के साथ शुरू होने जा रहा है। राज्य सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग ने इस बार पहले दिन से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। स्कूल खुलते ही पढ़ाई शुरू कराने, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार लाने और स्कूलों की नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया जाएगा।
नए शिक्षा सत्र में प्रदेश के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए नई गणवेश लागू की जाएगी। वहीं कक्षा चौथी और सातवीं के विद्यार्थियों को संशोधित पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई कराई जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि नई शिक्षा सामग्री और गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाया जा सके।
भाषा दक्षता बढ़ाने पर रहेगा विशेष फोकस
कलेक्टर से लेकर बीईओ तक करेंगे स्कूलों का निरीक्षण
इस बार शिक्षा व्यवस्था की निगरानी पहले से अधिक सख्त होगी। कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, जिला शिक्षा अधिकारी, संयुक्त संचालक, प्राचार्य, बीईओ और एबीईओ नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण गुणवत्ता, मध्यान्ह भोजन, पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी समीक्षा की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने जवाबदेही बढ़ाने के लिए बहुस्तरीय मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से संचालित किए जाएंगे, जिससे नवीन शिक्षण पद्धतियों की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध हो सके। स्कूलों में साउंड सिस्टम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है ताकि कक्षाओं में शिक्षण अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
प्रार्थना सभा बनेगी संस्कार
स्कूलों में प्रतिदिन आयोजित होने वाली प्रार्थना सभा को अधिक व्यवस्थित और उद्देश्यपूर्ण बनाया जाएगा। राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, सरस्वती वंदना, गुरुमंत्र और शांति पाठ नियमित रूप से कराया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को नैतिक शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने पर भी विशेष बल दिया जाएगा।
बच्चों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और तीज-त्योहारों की जानकारी दी जाएगी। विद्यालयों में महापुरुषों के चित्रों और प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से विद्यार्थियों को उनके जीवन संघर्ष और योगदान से परिचित कराया जाएगा, जिससे उनमें राष्ट्रीय और सामाजिक चेतना विकसित हो सके।
शनिवार को होगा एक्टिविटी डे
स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को एक्टिविटी डे के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान बाढ़, आग, भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव संबंधी गतिविधियां कराई जाएंगी। विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार और सुरक्षा संबंधी व्यवहारिक जानकारी देकर उन्हें आपात परिस्थितियों के लिए तैयार किया जाएगा।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि नया शिक्षा सत्र केवल औपचारिक शुरुआत तक सीमित न रहे, बल्कि पहले दिन से ही विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाए। नई व्यवस्थाओं, सख्त मॉनिटरिंग और जवाबदेही आधारित तंत्र के जरिए प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है।
