Monday, 26 Oct 2026 भारत
ब्रेकिंग
Korba News: हसदेव नदी में मिला आरक्षक सुनील बेक का शव, 72 घंटे बाद खत्म हुई तलाश Durg News: बच्चा चोरी की अफवाह से गांव में हंगामा, महिलाओं की पिटाई का वीडियो वायरल Accident News: बालोद-धमतरी में दो सड़क हादसे, तीन लोगों की मौत, दो घायल Crime News: अफीम बेचने निकला युवक गिरफ्तार, 8 लाख की ब्रेजा कार जब्त POCSO Act Case: नाबालिग से दुष्कर्म का मामला, पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई Korba News: हसदेव नदी में मिला आरक्षक सुनील बेक का शव, 72 घंटे बाद खत्म हुई तलाश Durg News: बच्चा चोरी की अफवाह से गांव में हंगामा, महिलाओं की पिटाई का वीडियो वायरल Accident News: बालोद-धमतरी में दो सड़क हादसे, तीन लोगों की मौत, दो घायल Crime News: अफीम बेचने निकला युवक गिरफ्तार, 8 लाख की ब्रेजा कार जब्त POCSO Act Case: नाबालिग से दुष्कर्म का मामला, पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई
W 𝕏 f
होम › शिक्षा › विवाद : भारतीय छात्रों को नहीं मिला वर्क परमिट, प…
कनाडा में भारतीय छात्रों का PGWP विरोध
कनाडा में भारतीय छात्रों का PGWP विरोध
शिक्षा

विवाद : भारतीय छात्रों को नहीं मिला वर्क परमिट, पोर्टेज कॉलेज के खिलाफ प्रदर्शन

कनाडा के पोर्टेज कॉलेज ऑफ कैलगरी से पढ़ाई पूरी करने वाले कई भारतीय छात्रों को पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) नहीं मिला है। वर्क परमिट आवेदन खारिज होने के बाद छात्रों ने कॉलेज के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया है। छात्रों का आरोप है कि उन्होंने लाखों रुपये खर्च कर ऐसे कोर्स में दाखिला लिया था, जिसे वे PGWP के लिए योग्य मान रहे थे। वहीं कॉलेज ने कहा है कि वर्क परमिट देने का फैसला इमिग्रेशन विभाग IRCC करता है और कॉलेज इसकी गारंटी नहीं देता।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 23 Jul 2026, 09:32 AM · अपडेट: 04 Oct 2026, 02:28 AM
कनाडा
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने और ग्रेजुएट होने के बाद भी कई भारतीय छात्रों को पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) नहीं मिल पाया है। वर्क परमिट नहीं मिलने से नाराज छात्र अब कनाडा में ही कॉलेज के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। कनाडा सरकार विदेशी छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करने के लिए PGWP देती है, लेकिन इस मामले में छात्रों के आवेदन खारिज कर दिए गए हैं। पोर्टेज कॉलेज ऑफ कैलगरी से ग्रेजुएशन करने वाले भारतीय छात्रों को कनाडा के इमिग्रेशन विभाग ने PGWP देने से इनकार कर दिया है। इसके बाद छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया है। कॉलेज ने बयान जारी कर कहा है कि वह इमिग्रेशन अधिकारियों के संपर्क में है और मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि, कॉलेज ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्क परमिट मिलने की कोई गारंटी नहीं दी गई थी।

इमिग्रेशन विशेषज्ञ से सलाह लेने को कहा

विवाद बढ़ने के बाद पोर्टेज कॉलेज ने छात्रों के लिए संदेश जारी किया है। कॉलेज ने कहा कि वर्क परमिट से जुड़ी सलाह के लिए छात्रों को किसी रजिस्टर्ड इमिग्रेशन वकील या कनाडाई इमिग्रेशन कंसल्टेंट से संपर्क करना चाहिए। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि वह इस मामले में अधिक जानकारी जुटाने के लिए लगातार काम कर रहा है।

PGWP का फैसला इमिग्रेशन विभाग करता है

पोर्टेज कॉलेज ने कहा कि कुछ गैर-क्रेडिट प्रोग्राम में पढ़ने वाले छात्रों के PGWP आवेदन अस्वीकार हुए हैं। कॉलेज के अनुसार, इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) हर आवेदन की अलग-अलग जांच करता है और वर्क परमिट देने या न देने का अंतिम फैसला वही लेता है।

कॉलेज ने जिम्मेदारी लेने से किया इनकार

कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वह इमिग्रेशन संबंधी फैसले नहीं लेता और किसी भी छात्र के व्यक्तिगत इमिग्रेशन मामले में प्रतिनिधि की भूमिका नहीं निभाता। कॉलेज ने यह भी कहा कि किसी कोर्स, दस्तावेज या लेटर के आधार पर किसी विशेष इमिग्रेशन परिणाम की गारंटी नहीं दी जाती।

विदेशी छात्रों को नहीं मिल रहा वर्क परमिट

मामला जून 2026 से सामने आया, जब कॉलेज में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों को PGWP मिलना बंद हो गया। इसमें बड़ी संख्या में भारतीय छात्र भी शामिल हैं। IRCC का कहना है कि जिन कोर्स में छात्रों ने पढ़ाई की है, वे वर्क परमिट के लिए निर्धारित पात्रता मानकों में शामिल नहीं हैं।

कॉलेज और कोर्स की पात्रता जरूरी

कनाडा में पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट के लिए सिर्फ पढ़ाई पूरी करना ही पर्याप्त नहीं होता। छात्रों का कॉलेज और कोर्स दोनों सरकार की निर्धारित सूची में होना जरूरी होता है। IRCC के नियमों के अनुसार, योग्य संस्थानों और विशेष कोर्स से पढ़ाई करने वाले छात्र ही PGWP के लिए आवेदन कर सकते हैं।

नियम बदलने से हुआ नुकसान

कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने पोर्टेज कॉलेज में दाखिला इसलिए लिया क्योंकि उन्हें बताया गया था कि यह कोर्स और संस्थान PGWP के लिए योग्य है। छात्रों ने अपनी पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन अब उन्हें बताया जा रहा है कि वे वर्क परमिट के पात्र नहीं हैं और उन्हें कनाडा छोड़ना पड़ सकता है।

नियमों में अचानक बदलाव का आरोप

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि IRCC ने अपनी वेबसाइट पर नियमों में बदलाव किया, लेकिन इसकी जानकारी पहले से स्पष्ट रूप से नहीं दी गई। छात्रों का कहना है कि वे 2023-2024 में कनाडा आए थे और नए नियमों को पुराने छात्रों पर लागू करना अनुचित है।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें