Monday, 03 Aug 2026 भारत
ब्रेकिंग
रायपुर नगर निगम की कार्रवाई: अवैध पेंटिंग पर रोक और गंदगी फैलाने वाले होटल पर लगाया जुर्माना बारिश के मौसम में बढ़ा सांपों का खतरा, बिस्तर में छिपे करैत के डसने से युवक की मौत भाठागांव में चलती बाइक बनी आग का गोला, युवक ने कूदकर बचाई जान बेंद्री डैम में दर्दनाक हादसा, दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गए युवक की डूबने से मौत जांजगीर-चांपा में लिफ्ट मांगकर चौकीदार की हत्या, दो नाबालिग आरोपी गिरफ्तार महासमुंद राजस्व पटवारी संघ का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन, लंबित मांगों को लेकर खींचा सरकार का ध्यान रायपुर नगर निगम की कार्रवाई: अवैध पेंटिंग पर रोक और गंदगी फैलाने वाले होटल पर लगाया जुर्माना बारिश के मौसम में बढ़ा सांपों का खतरा, बिस्तर में छिपे करैत के डसने से युवक की मौत भाठागांव में चलती बाइक बनी आग का गोला, युवक ने कूदकर बचाई जान बेंद्री डैम में दर्दनाक हादसा, दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गए युवक की डूबने से मौत जांजगीर-चांपा में लिफ्ट मांगकर चौकीदार की हत्या, दो नाबालिग आरोपी गिरफ्तार महासमुंद राजस्व पटवारी संघ का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन, लंबित मांगों को लेकर खींचा सरकार का ध्यान
W 𝕏 f
होम राष्ट्रीय मस्जिद में इमाम बनाने का सपना दिखाकर ठगी, युवक से…
ओमान नौकरी ठगी मामला
ओमान नौकरी ठगी मामला
राष्ट्रीय

मस्जिद में इमाम बनाने का सपना दिखाकर ठगी, युवक से लिए 2 लाख रुपये

एक युवक को ओमान में मस्जिद का इमाम बनाने का झांसा देकर एजेंट ने करीब 2 लाख रुपये लिए। मस्कट पहुंचने के बाद युवक को इमाम की नौकरी देने के बजाय सफाई और अन्य कामों में लगा दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि उससे रोजाना 14 से 15 घंटे काम कराया गया, लेकिन वेतन और खाने तक के पैसे नहीं दिए गए। मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलने के बाद कुछ भारतीयों की मदद से भारतीय दूतावास ने उसे सुरक्षित भारत वापस भेजा।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
03 Aug 2026, 05:14 PM
रायसेन

विदेश में अच्छी नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना लेकर जाने वाले लोगों के लिए मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक को ओमान में मस्जिद का इमाम बनाने का झांसा देकर भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उसकी जिंदगी मुश्किलों से भर गई। आरोप है कि युवक से इमाम की नौकरी कराने के बजाय जबरन सफाई और घरेलू काम करवाए गए। पीड़ित युवक ने बताया कि उससे रोजाना 30 से 40 कमरों के टॉयलेट साफ करवाए जाते थे, बर्तन धुलवाए जाते थे और लगातार 14 से 15 घंटे तक काम कराया जाता था। इतना ही नहीं, काम के बदले उसे न तो वेतन दिया गया और न ही खाने-पीने के लिए पर्याप्त पैसे मिले। युवक ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि विदेश जाने का सपना उसके लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का कारण बन गया।

नौकरी का झांसा, 2 लाख की ठगी

यह पूरा मामला रायसेन जिले के दीवानगंज निवासी मोहम्मद फैजान से जुड़ा है। फैजान के मुताबिक, जनवरी 2026 में उसकी मुलाकात एक एजेंट से हुई थी। एजेंट ने उसे भरोसा दिलाया कि ओमान की एक मस्जिद में उसे इमाम यानी नमाज पढ़ाने की नौकरी दिलाई जाएगी। अच्छी नौकरी और विदेश में कमाई की उम्मीद में फैजान ने एजेंट की बात पर विश्वास कर लिया।

फैजान ने बताया कि शुरुआत में एजेंट ने उससे 20 हजार रुपये लिए। इसके बाद मेडिकल और अन्य प्रक्रिया के नाम पर 1 लाख 80 हजार रुपये और मांगे गए। परिवार ने किसी तरह करीब 2 लाख रुपये की व्यवस्था की और नौकरी की उम्मीद में फैजान को 4 मई 2026 को ओमान की राजधानी मस्कट भेज दिया गया। 

मिनिस्ट्री ऑफिस में कराई सफाई

फैजान ने बताया कि ओमान पहुंचने के बाद उसे मस्जिद में इमाम की नौकरी नहीं दी गई। इसके बजाय उसे एक मिनिस्ट्री ऑफिस में काम करने के लिए भेज दिया गया। वहां उससे ऐसा काम कराया गया, जिसके बारे में उसने कभी सोचा भी नहीं था। उसका कहना है कि रोजाना सुबह से देर रात तक उससे सफाई का काम कराया जाता था। 30 से 40 कमरों की सफाई, टॉयलेट साफ करना और बर्तन धोना उसकी दिनचर्या बन गई थी। कई बार लगातार 14 से 15 घंटे काम करने के बाद भी उसे आराम नहीं मिलता था। फैजान के मुताबिक, सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि इतनी मेहनत के बावजूद उसे वेतन नहीं दिया गया। खाने के लिए भी पैसे नहीं मिलते थे, जिसके कारण कई बार उसे भूखे पेट रहना पड़ा। धीरे-धीरे उसकी आर्थिक और मानसिक स्थिति खराब होती चली गई।

मदद नहीं मिलने पर टूट गया था युवक

फैजान ने बताया कि उसने कई बार एजेंट और संबंधित कंपनी से मदद की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने उसकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। लगातार हो रही प्रताड़ना और आर्थिक परेशानी के कारण वह पूरी तरह टूट गया था। उसने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब वह इतना परेशान हो गया था कि उसने अपनी जिंदगी खत्म करने तक के बारे में सोच लिया था। परिवार से दूर, बिना पैसे और बिना किसी सहारे के विदेश में फंसे रहना उसके लिए बेहद मुश्किल दौर था। हालांकि, इसी मुश्किल समय में कुछ भारतीयों ने उसकी मदद की और उसे नई उम्मीद मिली।

भारतीयों ने बढ़ाया मदद का हाथ

फैजान के मुताबिक, मस्कट में रहने वाले नवाब भाई नाम के एक भारतीय ने उसकी आर्थिक मदद की और उसे जरूरी खर्च के लिए पैसे दिए। वहीं, मोहम्मद खलील अहमद नाम के एक अन्य व्यक्ति ने करीब डेढ़ महीने तक उसे अपने घर में रहने की जगह दी। इन लोगों की मदद से फैजान को कुछ राहत मिली और इसके बाद भारतीय दूतावास तक उसकी बात पहुंची। दूतावास के हस्तक्षेप के बाद उसे उस मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला गया और सुरक्षित भारत वापस भेजने की व्यवस्था की गई। करीब ढाई महीने तक मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलने के बाद फैजान अपने घर लौट सका। अब वह लोगों से अपील कर रहा है कि विदेश जाने से पहले नौकरी और एजेंट की पूरी जांच जरूर करें, ताकि किसी और को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
गाइए और छा जाइए
कलमकार
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
भारत
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें