Chhattisgarh BJP President: छत्तीसगढ़ बीजेपी में संगठनात्मक बदलाव को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कई नामों पर कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री और बिलासपुर सांसद तोखन साहू का नाम फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा में है।
हालांकि, बीजेपी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष के नाम को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में तोखन साहू की नियुक्ति को फिलहाल राजनीतिक चर्चाओं और संभावित समीकरणों के तौर पर ही देखा जा रहा है।
साहू समाज का सियासी समीकरण
छत्तीसगढ़ की राजनीति में ओबीसी वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। इनमें साहू समाज का राज्य की चुनावी राजनीति में खास प्रभाव है। बीजेपी भी लंबे समय से इस सामाजिक समीकरण को अपने पक्ष में मजबूत करने की कोशिश करती रही है।
ऐसे में अगर तोखन साहू को संगठन की कमान मिलती है, तो इसे 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले एक अहम सामाजिक और राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा सकता है। केंद्र में मंत्री होने के कारण उनका राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर, दोनों पर राजनीतिक संपर्क भी है।
पंचायत से केंद्रीय मंत्री तक का सफर
तोखन साहू ने अपनी राजनीति की शुरुआत जमीनी स्तर से की। पंचायत प्रतिनिधि के तौर पर राजनीतिक सफर शुरू करने के बाद वे लोरमी विधानसभा से विधायक बने और संसदीय सचिव की जिम्मेदारी भी संभाली।
इसके बाद उन्होंने बिलासपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा। वर्तमान में वे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में राज्य मंत्री हैं। संगठन और सरकार में काम करने का उनका अनुभव प्रदेश अध्यक्ष पद की संभावित दौड़ में उनकी दावेदारी को मजबूत करने वाला पक्ष माना जा रहा है।
संगठन और सरकार के बीच तालमेल पर जोर
बीजेपी के सामने संगठन को मजबूत रखने के साथ सरकार और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की चुनौती भी है। ऐसे में पार्टी को ऐसा चेहरा चाहिए, जिसकी संगठन में स्वीकार्यता हो और जो ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित कर सके। तोखन साहू की जमीनी राजनीति से लेकर केंद्र सरकार तक की यात्रा को देखते हुए पार्टी के भीतर उनका नाम इस भूमिका के लिए चर्चा में बताया जा रहा है।
कई नामों पर चर्चा, फैसला हाईकमान के हाथ
प्रदेश अध्यक्ष को लेकर फिलहाल कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी किसी नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगाई गई है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि अगला प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा। हालांकि, मौजूदा सियासी चर्चाओं में तोखन साहू का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। अब नजर बीजेपी हाईकमान के अंतिम फैसले पर है।
