Chhattisgarh Cancer Care: छत्तीसगढ़ में कैंसर जैसी घातक बीमारी को जड़ से हराने और हर मरीज तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए सरकार, डॉक्टरों और समाज ने एक साथ कदम बढ़ाए हैं। नवा रायपुर के करीब 100 एकड़ इलाके में तैयार हो रही 5,000 बिस्तरों की आधुनिक 'मेडिसिटी' आने वाले दिनों में राज्य के स्वास्थ्य ढांचे की नई पहचान बनेगी। शनिवार को रायपुर के मेफेयर में आयोजित चौथे 'बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कान्क्लेव-2026' का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि कैंसर की जंग सिर्फ दवाओं और अस्पतालों तक सीमित नहीं है, बल्कि सबसे ज्यादा जरूरत मरीज का हौसला बनाए रखने की है ताकि उसे महसूस हो कि पूरा समाज उसके साथ खड़ा है।
देश-विदेश के 200 से अधिक विशेषज्ञों का जुटाव
'रेस्टोरिंग बैलेंस टू कैंसर केयर' थीम पर आयोजित इस दो दिवसीय महाजुटान में देश भर से 200 से ज्यादा और 11 अंतरराष्ट्रीय कैंसर विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। ये विशेषज्ञ कैंसर से बचाव, शुरुआती जांच (स्क्रीनिंग), इलाज के आधुनिक तरीकों और शोध पर गहराई से मंथन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों और शोधकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसे व्यावहारिक और किफायती तरीके खोजें, जिससे गांव-देहात के गरीब से गरीब व्यक्ति को भी महंगा इलाज आसानी से मिल सके।
34 लाख लोगों की जांच, 40 हजार का शुरू हुआ इलाज
राज्य सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' के तहत अब तक लगभग 34 लाख लोगों की स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है। जांच के दौरान जिन 40 हजार लोगों में बीमारी के लक्षण या पहचान हुई, उनका तत्काल इलाज शुरू कराया गया है।
पैसों की तंगी के कारण इलाज न रुकने पाए, इसके लिए:
आयुष्मान भारत योजना: 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज।
मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना: गंभीर स्थिति में 25 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद।
कैंसर मरीजों का बनेगा सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस, एचपीवी टीकाकरण पर जोर
कार्यक्रम में मौजूद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत फैसला साझा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में अब कैंसर को 'नोटिफाइड बीमारी' घोषित किया जाएगा, जिससे हर मरीज की सही जानकारी और डेटाबेस तैयार हो सके। इसके साथ ही, महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान को मिशन मोड पर चलाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग और बालको मेडिकल सेंटर के साझा प्रयास से राज्य में अब तक 500 से अधिक जांच शिविर लगाए जा चुके हैं। इस सम्मेलन में विशेष रूप से महिलाओं के कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर के इलाज पर गहन चर्चा की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के स्टॉलों का जायजा लिया और सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन परियोजना का औपचारिक शुभारंभ किया।

