Chhattisgarh PTI Recruitment: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में बच्चों की फिटनेस और खेल-कूद का जिम्मा अब 15 दिनों के शॉर्ट-टर्म ऑनलाइन कोर्स के भरोसे छोड़ने की तैयारी है। राज्य के 45 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों में इस वक्त सिर्फ 2,800 नियमित व्यायाम शिक्षक (पीटीआई) ही तैनात हैं। इस बड़े अंतर को भरने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग नई भर्तियों की जगह सहायक शिक्षकों को 15 दिन का ऑनलाइन प्रशिक्षण देकर काम चलाने जा रहा है।
व्यायाम शिक्षकों की आस लगाए युवाओं को झटका
सरकार के इस कदम से बीपीएड और एमपीएड की डिग्री लेकर सालों से नौकरी की राह देख रहे हजारों युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। एक तरफ जहां केंद्र और राज्य सरकारें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत बच्चों के सर्वांगीण विकास, फिटनेस और प्राथमिक उपचार पर जोर देने की बातें करती हैं, वहीं दूसरी तरफ मैदान पर प्रशिक्षित शिक्षकों का न होना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। व्यायाम शिक्षकों की आस लगाए युवाओं को हाल ही में एक और झटका तब लगा जब 5,000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में शामिल व्यायाम शिक्षक के पदों को अचानक बदल दिया गया।
भर्ती से भी गायब हुए 154 पद, अंग्रेजी शिक्षकों को दी गई जगह
छत्तीसगढ़ शारीरिक शिक्षा व्यायाम प्रशिक्षित संघ के अध्यक्ष हेमंत सार्वा और सचिव मनोज यादव के अनुसार:
शुरुआत में भर्ती में 300 पद व्यायाम और योग शिक्षक के तय किए गए थे।
योग सेटअप न होने की बात कहकर पहले इसे घटाकर 154 पद किया गया।
बाद में इन 154 पदों को पूरी तरह खत्म करके सामान्य शैक्षणिक पद (अंग्रेजी विषय) में समायोजित कर दिया गया, जिससे अंग्रेजी के पद 350 से बढ़कर 504 हो गए।
बीपीएड-एमपीएड पास युवा ओवरएज की कगार पर
राज्य में साल 2019 के बाद से यानी पिछले 7 वर्षों में व्यायाम शिक्षकों के लिए कोई नियमित भर्ती नहीं निकाली गई है। 2019 में 745 पदों पर भर्ती हुई थी, लेकिन उसके बाद से प्रक्रिया ठप पड़ी है। एक ओर जहां छत्तीसगढ़ में बीपीएड-एमपीएड पास युवा ओवरएज होने की कगार पर पहुँच चुके हैं, वहीं पड़ोसी और अन्य राज्यों में पीटीआई के पदों पर लगातार नियुक्तियाँ की जा रही हैं।
| राज्य | पीटीआइ / व्यायाम शिक्षक के पद |
| पंजाब | ~ 5,000 |
| मध्य प्रदेश | ~ 2,000 |
| राजस्थान | ~ 1,700 |
| उत्तर प्रदेश | ~ 800 |
पीटीआई पदों को भी करें अनिवार्य
राजस्थान, मध्य प्रदेश, यूपी, पंजाब, हरियाणा और तेलंगाना जैसे राज्यों में नियमित शिक्षक भर्ती के साथ-साथ पीटीआई के पदों को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जा रहा है।खेल विशेषज्ञों का मानना है कि शारीरिक शिक्षा का मतलब सिर्फ बच्चों को मैदान में दौड़ाना भर नहीं है। उम्र और क्षमता के हिसाब से फिटनेस, योग, खेल की वैज्ञानिक तकनीक और आपात स्थिति में फर्स्ट-एड (प्राथमिक उपचार) देने का काम सिर्फ एक प्रशिक्षित बीपीएड/एमपीएड डिग्रीधारी शिक्षक ही कर सकता है।
क्या 15 दिन की ट्रेनिंग से मिलेगी गुणवत्ता?
15 दिन के ऑनलाइन कैप्सूल कोर्स से किसी सामान्य शिक्षक को यह जिम्मेदारी देना बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ समझौते जैसा है। फिलहाल राज्य के 20 हजार से ज्यादा व्यायाम प्रशिक्षित युवा भर्ती का विज्ञापन जारी होने की उम्मीद में दर-दर भटक रहे हैं। लगातार होती देरी के कारण कई योग्य अभ्यर्थियों के सामने उम्रदराज होकर परीक्षा से बाहर होने का संकट मंडरा रहा है।