Commodity Market Update: 22 सितंबर को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। वायदा बाजार यानी MCX पर सोना 1,53,223 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, चांदी की कीमतों में भी बढ़त दर्ज की गई और यह करीब 783 रुपए की तेजी के साथ ट्रेड कर रही थी। घरेलू बाजारों में भी सोने के भाव ऊंचे बने हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और वैश्विक घटनाक्रमों का असर कीमती धातुओं पर दिखाई दे रहा है। निवेशकों की नजर इस समय कई बड़े वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से जुड़े घटनाक्रम और महंगाई के आंकड़े सोने-चांदी के बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख कर सकते हैं।
सोने-चांदी के बढ़ते दामों का कारण
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बढ़ना: वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के माहौल में निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प मानते हैं, जिससे इसकी मांग बढ़ सकती है।
- अमेरिकी फेड की ब्याज दर नीति: अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर चल रही चर्चाओं और फेड के संभावित फैसलों का असर सोने की कीमतों पर पड़ता है।
- कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव: तेल के दामों में उतार-चढ़ाव महंगाई और वैश्विक बाजार की धारणा को प्रभावित करता है, जिसका असर कीमती धातुओं पर भी दिखाई देता है।
- भूराजनीतिक घटनाक्रम: अमेरिका-ईरान जैसे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों को लेकर निवेशकों की सतर्कता बढ़ने से सोने की मांग प्रभावित हो सकती है।
- डॉलर की चाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती या कमजोरी भी सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित करती है।
- निवेशकों की बढ़ती रुचि: बाजार में अनिश्चितता के बीच कई निवेशक सोने और चांदी में निवेश बढ़ाते हैं, जिससे कीमतों पर असर पड़ सकता है।
ब्याज दरों की चिंता से सोने की तेजी पर असर
मंगलवार को सोने की कीमतों में बहुत ज्यादा तेजी देखने को नहीं मिली। बाजार में यह चिंता बनी हुई है कि अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रह सकती हैं। ऊंची ब्याज दरों के कारण सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों पर दबाव बन सकता है। यही वजह है कि निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयानों पर नजर बनाए हुए हैं।
अमेरिका-ईरान बातचीत पर भी बाजार की नजर
निवेशक संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान अमेरिका और ईरान से जुड़े संभावित घटनाक्रमों पर भी नजर रख रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में होने वाले बदलावों का असर कच्चे तेल के साथ-साथ सोने और चांदी की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
फेड के संकेतों से मिलेगी बाजार को दिशा
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगे की ब्याज दर नीति को लेकर मिलने वाले संकेत सोने और चांदी की कीमतों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। यदि फेड की ओर से सख्त रुख के संकेत मिलते हैं, तो बाजार में आगे उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
एनालिस्ट क्रिस वेस्टन ने बताई बाजार की स्थिति
पेपरस्टोन के रिसर्च हेड क्रिस वेस्टन के अनुसार, हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतें अपने ऊंचे स्तर से कुछ नीचे आई हैं। हालांकि, अगर तेल की कीमतों में दोबारा तेजी आती है और महंगाई बढ़ने की चिंता बढ़ती है, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपना सकता है। ऐसी स्थिति में सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिल सकता है।

