Gold-Silver Market Update: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार को सोने और चांदी के वायदा भाव में गिरावट देखने को मिली। लगातार दो कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद दोनों कीमती धातुओं में दबाव नजर आया। बाजार में निवेशक ईरान-अमेरिका तनाव, मिडिल ईस्ट की स्थिति और वैश्विक महंगाई व ब्याज दरों के असर का आकलन कर रहे हैं।घरेलू बाजार में सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी का वायदा भाव 1,600 रुपए की गिरावट के साथ 2,39,008 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया।
वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड लगभग स्थिर रहा और 4,379.74 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार किया। इससे पहले शुक्रवार को सोना एक सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। वहीं, अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर में मामूली गिरावट दर्ज की गई। दिसंबर डिलीवरी वाला सोना करीब 0.1 प्रतिशत गिरकर 4,419.40 डॉलर प्रति औंस पर रहा।
रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे चल रहा है सोना-चांदी
MCX के आंकड़ों के मुताबिक, सोने की कीमत 29 जनवरी को 1,93,096 रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड हाई स्तर पर पहुंची थी। इसके बाद से इसमें करीब 40,925 रुपए तक की गिरावट आ चुकी है। वहीं, चांदी का MCX पर ऑल टाइम हाई स्तर 4,20,048 रुपए प्रति किलो रहा है। मौजूदा भाव की तुलना में चांदी करीब 1,81,040 रुपए नीचे कारोबार कर रही है।
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बाजार में बढ़ी सतर्कता
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे वैश्विक घटनाक्रमों का असर देखा जा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। वीकेंड पर दोनों देशों की ओर से कड़े बयान सामने आए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर चेतावनी दी, जबकि ईरानी सेना ने किसी भी हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की बात कही।गिरावट पर खरीदारी की सलाह
मनोज कुमार जैन ने सोने में 1,51,500-1,50,000 रुपए के आसपास गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने इसके लिए 1,49,600 रुपए के नीचे स्टॉप लॉस और 1,55,000-1,56,100 रुपए का लक्ष्य बताया है। वहीं, चांदी में 2,36,000-2,34,000 रुपए के आसपास खरीदारी की राय दी गई है।
सोने-चांदी में गिरावट का कारण
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारणों का असर देखने को मिल रहा है। निवेशक इस समय ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव, मिडिल ईस्ट की स्थिति और वैश्विक आर्थिक नीतियों पर नजर बनाए हुए हैं। इसके अलावा, ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना ने भी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है। आमतौर पर सोने को महंगाई के खिलाफ सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन जब ब्याज दरें बढ़ती हैं तो निवेशकों का रुझान ब्याज देने वाले विकल्पों की ओर बढ़ सकता है।महंगाई और ब्याज दरों पर बाजार की नजर
मिनियापोलिस फेड के अध्यक्ष नील कश्कारी ने कहा है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों में महंगाई अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ब्याज दरों में और बढ़ोतरी होती है तो बिना ब्याज वाली संपत्ति यानी सोने की मांग प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से निवेशक फिलहाल वैश्विक आर्थिक संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।
MCX पर सोने और चांदी के सपोर्ट-रेजिस्टेंस
MCX के स्तरों की बात करें तो मनोज कुमार जैन के मुताबिक सोने में 1,51,300-1,50,200 रुपए का सपोर्ट और 1,55,000-1,56,100 रुपए का रेजिस्टेंस रह सकता है। वहीं, चांदी के लिए 2,38,800-2,35,500 रुपए का सपोर्ट और 2,44,000-2,47,700 रुपए का रेजिस्टेंस अहम स्तर हैं।

