देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को बागबाहरा में राजनीतिक पारा चढ़ गया। घटनाक्रम के विरोध में महासमुंद जिला कांग्रेस कमेटी और स्थानीय नेताओं ने अशोक होटल के पास जोरदार प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार का प्रतीकात्मक पुतला फूंका। इस प्रदर्शन की अगुवाई खल्लारी से विधायक और जिला कांग्रेस अध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव ने की। उनके साथ बड़ी तादाद में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ कर रही सरकार
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि देश का युवा आज गहरे असमंजस और निराशा के दौर में है। साल-दो साल मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के सपनों पर पेपर लीक की घटनाएं पानी फेर देती हैं।
उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा: भाजपा सरकार न तो नए रोजगार दे पा रही है और न ही परीक्षाएं ईमानदारी से करवा पा रही है। जब यही छात्र अपने हक के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाते हैं, तो उन पर लाठियां बरसाई जाती हैं। हद तो तब हो गई जब छात्रों के पक्ष में खड़े हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में ले लिया गया। यह लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सख्त कार्रवाई की मांग
विधायक यादव ने केंद्र सरकार से मांग की:
- पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों को सख्त सजा दी जाए।
- जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तय हो।
- नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस युवाओं के हक की इस लड़ाई को सड़क से लेकर संसद तक जारी रखेगी।
प्रदर्शन में ये नेता रहे शामिल
विरोध प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लखबीर सिंह छाबड़ा, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवेश साहू, भूपेंद्र ठाकुर, फिरोज मेमन, समीम खान, विजय बंजारे, फूलसिंह ध्रुव, शैलेष साहू, पोखराज साहू, नवनीत सलूजा, पुष्पेंद्र चंद्राकर, मनीष चंद्राकर, मिथुन आमिर, मयंक शर्मा, ताम्रध्वज बघेल, लोकेश उइके, हितेश खरे, रमेश ठाकुर, मनता यादव, लक्ष्मी ध्रुव, शिवा जगत, महेश नरेडिया, चुम्मन तांडी, उत्तम राणा और मोहन बांधे सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।