बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित बुधवारी बाजार में लाइसेंसी दुकानदारों को जारी बेदखली नोटिस का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। होटल व्यवसायी संघ ने रेलवे प्रशासन पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा है कि सैकड़ों लाइसेंसधारियों में से केवल 18 दुकानदारों को निशाना बनाया गया है। संघ का कहना है कि इस कदम से प्रभावित व्यापारियों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
संघ के अनुसार बुधवारी बाजार में करीब 700 छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारी वर्ष 1960 से रेलवे के अस्थायी वाणिज्यिक लाइसेंस के तहत व्यवसाय कर रहे हैं। सभी व्यापारी वर्षों से रेलवे को नियमित राजस्व भी दे रहे हैं। इसके बावजूद केवल 18 दुकानदारों को बेदखली का नोटिस जारी कर उन्हें अनाधिकृत कब्जाधारी बताया गया है, जबकि बाकी 682 लाइसेंसधारियों को लाइसेंस नवीनीकरण और रिकॉर्ड में सुधार का अवसर दिया जा रहा है।
समानता के अधिकार के उल्लंघन का आरोप
व्यापारियों का कहना है कि एक जैसी परिस्थितियों में कारोबार करने वाले लोगों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया जा रहा है। होटल व्यवसायी संघ ने इसे संविधान के अनुच्छेद-14 में दिए गए समानता के अधिकार के विपरीत बताते हुए रेलवे प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस संबंध में संघ का प्रतिनिधिमंडल हाल ही में डीआरएम को ज्ञापन भी सौंप चुका है। होटल व्यवसायी संघ ने रेलवे से मांग की है कि 18 दुकानदारों को जारी बेदखली नोटिस तत्काल वापस लिया जाए और सभी लाइसेंसधारियों के लिए एक समान नीति लागू की जाए। संघ का कहना है कि यदि सभी व्यापारी समान नियमों के तहत व्यवसाय कर रहे हैं तो कार्रवाई भी सभी पर समान रूप से होनी चाहिए।पुनर्वास की व्यवस्था होने पर दुकान हटाने को तैयार
व्यापारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि रेलवे विकास कार्यों के लिए दुकानों को हटाना चाहता है तो पहले प्रभावित लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि रेलवे यदि वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराए तो वे अपने खर्च पर निर्धारित मानकों के अनुसार नई दुकानें बनाने को तैयार हैं।व्यापारियों ने बताया कि करीब 25 वर्ष पहले भी रेलवे स्टेशन के सामने स्थित दुकानों को हटाया गया था। उस समय रेलवे ने वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराई थी, जिसके बाद व्यापारियों ने अपने खर्च से नई दुकानें बनाकर कारोबार फिर से शुरू किया था। उनका कहना है कि वर्तमान स्थिति में भी इसी मॉडल पर समाधान निकाला जा सकता है।