सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की बरमकेला शाखा में सामने आए करीब 18.13 करोड़ रुपए के गबन मामले में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) ने कड़ा रुख अपनाया है। विस्तृत जांच के बाद बैंक ने शाखा के तत्कालीन प्रबंधक, लेखाधिकारी और एक लिपिक को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
इसके अलावा आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत पांच कर्मचारियों की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं। बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका गबन में सामने आई है, उनसे नियमानुसार पूरी राशि की वसूली की जाएगी। यह कार्रवाई बैंक के अधिकृत अधिकारी केदार नाथ गुप्ता के निर्देश पर की गई है।
दोबारा जांच में खुला बड़ा वित्तीय घोटाला
पहले ही दर्ज हो चुकी है एफआईआर
इस मामले में बैंक प्रबंधन ने 4 मई 2025 को बरमकेला थाने में आठ कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद उच्च स्तरीय जांच और विशेष ऑडिट की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसके आधार पर अब अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। विशेष ऑडिट के बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक डी.आर. वाघमारे, लेखाधिकारी मीनाक्षी मांझी और लिपिक आशीष कुमार पटेल को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
वहीं आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत लिकेश कुमार बैरागी, रमाकांत श्रीवास, अरुण चंद्राकर, खीरदास महंत और बालकृष्ण कर्ष की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं। बैंक प्रबंधन के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) को सौंपने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही एजेंसी पूरे वित्तीय घोटाले की जांच अपने हाथ में लेगी। बैंक ने भरोसा दिलाया है कि गबन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और नियमों के अनुसार रिकवरी की जाएगी।
सहकारी बैंकों में लागू हो रही नई निगरानी व्यवस्था
1451 समिति प्रबंधकों की भर्ती को मिली मंजूरी
सहकारी क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 1451 समिति प्रबंधकों की भर्ती को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की है। इसके अलावा प्रदेश में 515 नई पैक्स समितियों के गठन की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।
बैंक प्रबंधन का मानना है कि इन कदमों से ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी सेवाओं का विस्तार होगा और किसानों को बेहतर एवं पारदर्शी बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
