परिवार का किया हुक्का-पानी बंद
समाज में रहने 1 लाख 11 हजार आर्थिक दंड
इस बैठक में अंकिता के पिता रामदास प्रधान, माता रजनी प्रधान, भाई कुंदन और रिश्तेदार कीर्तन प्रधान को तलब किया गया। भरी सभा में समाज के प्रमुख पदाधिकारियों—भोजराज प्रधान, प्रवीण भोई, धरणीधर साहू, संजय भोई और उनके अन्य सहयोगियों ने पीड़ित परिवार को सीधा फरमान सुनाया। आरोपियों ने खौफ दिखाया कि यदि वे समाज की बात नहीं मानेंगे, तो उन्हें ताउम्र के लिए बेदखल कर दिया जाएगा। इस मानसिक दहशत के बीच परिवार को समाज में बनाए रखने की एवज में 1,11,000 रुपये (एक लाख ग्यारह हजार) का 'अवैध आर्थिक दंड' ठोक दिया गया।जुर्माना नहीं बल्कि स्वेच्छा दान
नहीं किए वैध दस्तावेज
हालांकि, पुलिस ने जब इस दावे का सच परखने के लिए आरोपियों को आधिकारिक नोटिस जारी कर मंदिर ट्रस्ट/समिति की बैंक पासबुक, मूल रसीद बुक, बैठक का प्रस्ताव रजिस्टर और समाज की नियमावली पेश करने को कहा, तो आरोपी एक भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके।ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग बनी अहम डिजिटल सबूत
- ऑडियो-वीडियो सबूत: अंकिता के भाई कुंदन प्रधान ने 17 मई की बैठक का अपने मोबाइल से वीडियो बना लिया था। इस डिजिटल साक्ष्य में आरोपी खुलेआम डराते-धमकाते और पैसों की मांग करते नजर आ रहे हैं।
ऑनलाइन ट्रांजैक्शन डिटेल: बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर होने के डिजिटल साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे गए।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
संपूर्ण जांच, बयानों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर यह साफ हो गया कि आरोपियों ने गिरोह बनाकर (संगठित होकर) पीड़ित परिवार को धमकाया और जबरन वसूली की।
मामले में पुलिस ने आरोपी भोजराज प्रधान, प्रवीण भोई, धरणीधर साहू, संजय भोई एवं अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की निम्न धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली है:
धारा 308(2): जबरन वसूली (Extortion)
धारा 351(2): आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation)
धारा 3(5): एक ही उद्देश्य से कई लोगों द्वारा किया गया अपराध (Common Intention)