Cyber Fraud: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर ठगी के मामलों में पुलिस ने कार्रवाई की है। सुपेला और खुर्सीपार थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कमीशन के लालच में बैंक खाते उपलब्ध कराते थे।
इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टे के लेनदेन और देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। इस कार्रवाई के बाद संबंधित मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 11 हो गई है। सुपेला पुलिस ने दो और खुर्सीपार पुलिस ने पांच आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों के कब्जे से चार स्मार्टफोन, एक बैंक पासबुक और तीन एटीएम कार्ड जब्त किए गए हैं।
कमीशन के लिए दूसरों को देते थे बैंक खाते
सुपेला पुलिस को सूचना मिली थी कि दाऊ बाड़ा तालाब के पास दो युवक फर्जी बैंक खातों का सौदा करने के लिए घूम रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर दबिश दी और नीरज गायकवाड़ तथा अंशु साव को हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कमीशन कमाने के लिए बैंक खातों का लेनदेन करते थे। पुलिस के मुताबिक, वे कम आय वाले और भोले-भाले लोगों को निशाना बनाकर उनके बैंक खाते कम कीमत पर खरीदते थे। बाद में इन खातों को ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले गिरोह को ऊंची कीमत पर बेच दिया जाता था।
एक लाख रुपए तक में बेचते थे बैंक खाते
जांच में पता चला कि आरोपी आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक के खाते कम कीमत पर हासिल करते थे और फिर उन्हें ऑनलाइन सट्टा गिरोह को एक लाख रुपए तक में बेच देते थे। इस तरह बैंक खातों का इस्तेमाल सट्टे से जुड़ी रकम के लेनदेन में किया जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी नीरज गायकवाड़ सट्टे की रकम को आगे ट्रांसफर करने का काम भी करता था। इसके लिए क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया जाता था। इस काम के बदले उसे गिरोह की ओर से हर महीने 25 हजार रुपए दिए जाते थे।
81 संदिग्ध बैंक खातों से जुड़ा साइबर ठगी का मामला
खुर्सीपार पुलिस ने भी साइबर ठगी से जुड़े एक गिरोह का खुलासा किया है। गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस इंडियन बैंक के 81 संदिग्ध खातों की जांच कर रही थी। इन खातों में देश के अलग-अलग राज्यों से साइबर ठगी की रकम जमा होने की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, ठगी की रकम खातों में पहुंचने के बाद खाताधारक और बिचौलिए अपना कमीशन काट लेते थे। इसके बाद बची हुई रकम दूसरे संदिग्ध बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। इस प्रक्रिया के जरिए रकम को अलग-अलग खातों में भेजा जा रहा था।खुर्सीपार पुलिस ने पांच आरोपियों को पकड़ा
इस मामले में पुलिस ने तरुण कुमार, गौरव साहू, जसमीत, निखिल नेताम और नरगिस बानो को गिरफ्तार किया है। इससे पहले चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। ताजा कार्रवाई के बाद संबंधित मामलों में गिरफ्तार लोगों की संख्या 11 हो गई है। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में बैंक खातों के इस्तेमाल, संदिग्ध लेनदेन और साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है।







