जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र स्थित शासकीय प्राथमिक शाला तेलीपारा डोंगाकोहरौद में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और अनुचित व्यवहार के मामले में पुलिस ने प्रधान पाठक भुवनेश्वर कौशिक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, 31 जुलाई को स्कूल परिसर में प्रधान पाठक पर एक नाबालिग छात्रा के साथ गलत नियत से अनुचित व्यवहार करने का आरोप है। घटना के बाद छात्रा ने घर पहुंचकर अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन और गांव के लोग स्कूल पहुंचे, जहां आरोपी प्रधान पाठक कथित तौर पर अर्धनग्न अवस्था में स्कूल परिसर में मौजूद मिला।
ग्रामीणों ने किया विरोध, पुलिस को दी सूचना
ग्रामीणों ने मौके पर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 10 और 12 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। बाद में प्रधान पाठक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले का वीडियो सामने आने के बाद कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए। उनके आदेश पर पामगढ़ के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने जांच कर अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को सौंपी।प्रधान पाठक निलंबित
जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा ने जांच प्रतिवेदन और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के आधार पर प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए प्रधान पाठक भुवनेश्वर कौशिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जारी आदेश में कहा गया है कि उनका आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई।