वीएसके (विद्या समीक्षा केंद्र) ऐप के डेटा पर उठे सवाल
शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सवाल उठाया है कि आखिर शिक्षकों की व्यक्तिगत और गोपनीय जानकारियां अपराधियों के हाथों तक कैसे पहुंच रही हैं?
डेटा लीक की आशंका: दुबे ने आशंका जताई है कि शिक्षा विभाग के वीएसके (विद्या समीक्षा केंद्र) ऐप या अन्य आधिकारिक डिजिटल पोर्टल्स पर दर्ज शिक्षकों के डेटा की सुरक्षा में कोई बड़ी चूक हुई है।
जिम्मेदारी तय करने की मांग: हालांकि अभी तक डेटा लीक के स्रोत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संघ ने शासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि मामले की गहराई से जांच कराई जाए। यदि शिक्षकों की निजी जानकारी का दुरुपयोग हो रहा है, तो इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
चेतावनी: जांच नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन
मामले की गंभीरता को देखते हुए शालेय शिक्षक संघ के प्रांतीय मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा ने कहा कि बढ़ते साइबर अपराधों के बीच शिक्षकों को इस तरह टारगेट किया जाना बेहद चिंताजनक है।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग: संघ ने मांग की है कि संदिग्ध कॉल्स के सोर्स और शिक्षकों की गोपनीय जानकारी लीक होने के तौर-तरीकों का पता लगाकर तुरंत दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
आंदोलन का अल्टीमेटम: संघ ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द इस मामले की जांच कर शिक्षकों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो संगठन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।






