Cyber Crime Awareness: साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों के बीच आम लोगों को जागरूक करने के लिए महासमुंद में अधिकार मित्रों का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें साइबर अपराध के अलग-अलग तरीकों, ऑनलाइन ठगी से बचाव और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकार मित्रों के माध्यम से जिले के लोगों तक साइबर सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी पहुंचाना है। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया के मार्गदर्शन और प्राधिकरण की सचिव आफरीन बानो के नेतृत्व में प्रशिक्षण दिया गया। महासमुंद पुलिस विभाग ने भी इसमें विशेष सहयोग किया। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित हुआ।
पुलिस अधिकारियों ने दी साइबर सुरक्षा की जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक ललिता मेहर और महेंद्र कुमार पटेल ने अधिकार मित्रों को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। इसमें पुलिस केंद्रों के अलावा सखी सेंटर, किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी), लीगल एड क्लीनिक, जेल और मेगा ड्राइव में पदस्थ अधिकार मित्र शामिल हुए। अधिकार मित्रों को बताया गया कि वे नालसा की योजनाओं और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टेट प्लान ऑफ एक्शन के तहत आयोजित होने वाले विधिक जागरूकता शिविरों में भी लोगों को साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
OTP से लेकर QR कोड स्कैम तक की जानकारी
उप पुलिस अधीक्षक ललिता मेहर ने साइबर फ्रॉड से बचने के लिए कई जरूरी सावधानियों की जानकारी दी। प्रशिक्षण में ओटीपी और यूपीआई फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, बैंक केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, निवेश और ट्रेडिंग से जुड़े फर्जीवाड़े तथा एपीके फाइल के जरिए होने वाले साइबर अपराधों पर चर्चा की गई। इसके अलावा फर्जी नौकरी और लोन के ऑफर, व्हाट्सऐप व सोशल मीडिया के जरिए ठगी, क्यूआर कोड स्कैम, फर्जी सिम और मोबाइल से जुड़े अपराध तथा एआई के माध्यम से किए जाने वाले फर्जीवाड़े के बारे में भी बताया गया।साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
प्रशिक्षण में साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकार मित्रों को बताया गया कि वे इन जानकारियों को आम लोगों तक पहुंचाएं, ताकि लोग ऑनलाइन ठगी के तरीकों को पहचान सकें और समय रहते उचित कदम उठा सकें। प्रशिक्षण के बाद अधिकार मित्र विधिक जागरूकता शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा, डिजिटल अरेस्ट से बचाव और साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग के संबंध में जागरूक करेंगे।

