राजधानी रायपुर के अमलीडीह स्थित पुलिस कॉलोनी में एक आरक्षक की मौत से पुलिस महकमे में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान कुलदीप मिश्रा के रूप में हुई है, जो रायपुर पुलिस लाइन में पदस्थ थे और डीसीपी के गनमैन के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। घटना की जानकारी मिलते ही न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जहर सेवन के बाद अस्पताल में कराया गया भर्ती
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात कुलदीप मिश्रा द्वारा जहर सेवन किए जाने की सूचना परिजनों ने पुलिस को दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं, हर पहलू से जांच जारी
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आरक्षक ने जहर क्यों खाया और इसके पीछे क्या कारण थे। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच केवल आत्महत्या की आशंका तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हर पहलू को ध्यान में रखकर तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य जानकारियों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।परिजनों और सहकर्मियों से पूछताछ
घटना की वास्तविक वजह सामने लाने के लिए पुलिस मृतक के परिजनों, साथ काम करने वाले कर्मचारियों और करीबी परिचितों से पूछताछ कर रही है। साथ ही उनके हालिया व्यवहार, व्यक्तिगत और पेशेवर परिस्थितियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और पूछताछ से प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरक्षक ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया और घटना के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी।