Delhi Drug Control Department: दवाओं पर भारी डिस्काउंट का दावा कर ग्राहकों को आकर्षित करने वाले मेडिकल स्टोर्स पर अब कार्रवाई हो सकती है। दिल्ली ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने इस संबंध में केमिस्ट असोसिएशनों और मेडिकल स्टोर संचालकों को एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने दुकानों पर भारी छूट के दावे वाले बोर्ड, बैनर या विज्ञापन लगाने से बचने की चेतावनी दी है।
विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी के बाद राजधानी के अलग-अलग इलाकों में मेडिकल स्टोर्स पर नजर रखी जाएगी। अधिकारियों की ओर से यह भी जांच की जा सकती है कि जिन दुकानों पर भारी छूट का प्रचार किया जा रहा है, वहां ग्राहकों को वास्तव में उतनी ही छूट मिल रही है या नहीं।
60, 70 और 80 प्रतिशत छूट के बोर्ड
दिल्ली में कुछ मेडिकल स्टोर्स पर 'UP TO 60%', '70%' और '80% DISCOUNT' जैसे दावे वाले बोर्ड और बैनर देखने को मिल रहे हैं। ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट का कहना है कि इस तरह के दावे ग्राहकों को भ्रमित कर सकते हैं। खास तौर पर तब, जब बिक्री के समय बताई गई छूट और वास्तविक छूट में अंतर हो।
नकली दवाओं के कारोबार पर भी लग सकती है रोक
असोसिएशन का मानना है कि इस तरह की निगरानी से दवाओं की बिक्री में होने वाली गड़बड़ियों पर भी अंकुश लग सकता है। खास तौर पर भारी छूट के नाम पर होने वाली संदिग्ध बिक्री और नकली दवाओं के कारोबार पर लगाम लगाने में विभाग की कार्रवाई मददगार हो सकती है।MRP से कम कीमत पर दवा बेचना गलत नहीं
विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि दवाओं को MRP से कम कीमत पर बेचना अपने आप में प्रतिबंधित नहीं है। हालांकि, छूट को लेकर गलत या भ्रामक प्रचार स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी मेडिकल स्टोर पर किसी दवा पर एक निश्चित प्रतिशत छूट देने का दावा किया जाता है, तो बिक्री के दौरान वास्तव में उतनी छूट दिए जाने का रिकॉर्ड भी उपलब्ध होना चाहिए।
केमिस्ट असोसिएशन ने फैसले का किया स्वागत ड्रग
कंट्रोल डिपार्टमेंट की इस पहल का केमिस्ट असोसिएशन ने स्वागत किया है। साउथ केमिस्ट एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स असोसिएशन के अध्यक्ष विजय सैनी ने कहा कि किसी भी दवा पर 60, 70 या 80 प्रतिशत तक की छूट देना सामान्य तौर पर संभव नहीं है। उन्होंने विभाग की कार्रवाई को जरूरी बताते हुए कहा कि इससे दवाओं के कारोबार में पारदर्शिता बढ़ेगी।

