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अमित शाह जीरो FIR मामला
अमित शाह जीरो FIR मामला
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अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी का मामला, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की जीरो FIR, संबंधित राज्य को सौंपी जांच

दिल्ली में हुए एक प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला सामने आया है। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने शिकायत दर्ज करते हुए जीरो FIR दर्ज की है। मामले की जांच में वीडियो की सत्यता, उसमें शामिल लोगों की पहचान और घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

कीर्तिमान न्यूज
02 Aug 2026, 03:07 PM
नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए एक प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक बयानबाजी और अभद्र भाषा का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में बड़ा कदम उठाते हुए पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में 'जीरो एफआईआर' (Zero FIR) दर्ज की है। यह विवाद सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक वीडियो से उत्पन्न हुआ है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और चूंकि घटना का कार्यक्षेत्र दूसरा बताया जा रहा है, इसलिए केस को अग्रिम जांच के लिए संबंधित राज्य के पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कथित तौर पर काफी अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया था। 

अमर्यादित भाषा पर वीडियों की साझा

इस घटना से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया था। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस तरह की अमर्यादित भाषा पर चिंता जताते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसके बाद से ही पुलिस इस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई में जुटी हुई थी। हालिया शिकायत में केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी का हवाला दिया गया, जिस पर पुलिस ने बिना किसी देरी के मामला दर्ज कर लिया। 

किसी भी थाने में हो सकती है जीरो एफआईआर 

आम तौर पर किसी भी अपराध की रिपोर्ट उसी क्षेत्र के थाने में दर्ज होती है जहाँ घटना घटी हो। लेकिन 'जीरो एफआईआर' एक विशेष प्रावधान है, जिसके तहत पीड़िता या शिकायतकर्ता किसी भी थाने में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है, चाहे घटना किसी भी क्षेत्र, जिले या राज्य की हो। मामले की संवेदनशीलता और जांच में देरी न हो, इसे ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर केस फाइल को उस क्षेत्र के पुलिस थाने भेज दिया है, जहाँ यह घटना घटित होने का दावा किया गया है।

पुलिस का रुख और जांच का दायरा

  • वीडियो की सत्यता: क्या वीडियो के साथ कोई छेड़छाड़ या एडिटिंग की गई है?

  • स्रोत की पहचान: वीडियो को सबसे पहले कहाँ और किस मकसद से अपलोड किया गया?

  • मुख्य आरोपियों की भूमिका: वीडियो में दिख रहे और अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले लोगों की पहचान करना।

  • अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं

    पुलिस का कहना है कि वर्तमान में किसी को सीधे तौर पर दोषी नहीं माना जा सकता। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। इस कानूनी कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में भी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ जहाँ गृह मंत्री के समर्थकों का कहना है कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी भी जन-प्रतिनिधि के खिलाफ अभद्र या अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कतई स्वीकार्य नहीं है। वहीं, दूसरी तरफ कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले पुलिस की निष्पक्ष जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। फिलहाल, पुलिस प्रशासन का कहना है कि उनकी प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को बनाए रखना और तथ्यों के आधार पर पारदर्शी तरीके से जांच को आगे बढ़ाना है।
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