Sunday, 20 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
Chhattisgarh News: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक, 31 लोगों को काटकर किया घायल Surajpur Crime News: तीजा पर्व पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, बेटे ने टांगी से हमला कर पिता की हत्या की GST Fraud Case: फर्जी दस्तावेजों से 10 फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार दिखाने का आरोप, FIR दर्ज Khargone news: बदहाल सड़क बनी मुसीबत, एंबुलेंस फंसी तो बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा प्रसूता, नवजात की मौत Surajpur Crime News: नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस Chhattisgarh News: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक, 31 लोगों को काटकर किया घायल Surajpur Crime News: तीजा पर्व पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, बेटे ने टांगी से हमला कर पिता की हत्या की GST Fraud Case: फर्जी दस्तावेजों से 10 फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार दिखाने का आरोप, FIR दर्ज Khargone news: बदहाल सड़क बनी मुसीबत, एंबुलेंस फंसी तो बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा प्रसूता, नवजात की मौत Surajpur Crime News: नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस
W 𝕏 f
होम दुर्ग संविलियन की मांग : खून से लिखा पत्र, बोले विद्याम…
विद्यामितान शिक्षकों का प्रदर्शन
विद्यामितान शिक्षकों का प्रदर्शन
दुर्ग

संविलियन की मांग : खून से लिखा पत्र, बोले विद्यामितान- हक नहीं दे सकते तो मौत की इजाजत दें

छत्तीसगढ़ के राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) संविलियन और समायोजन की मांग को लेकर नौवें दिन भी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर डटे रहे। कैबिनेट बैठक में कोई फैसला नहीं होने से नाराज शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की मांग की और सरकार से चुनावी वादे जल्द पूरे करने की अपील की।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 10 Jul 2026, 03:01 PM · अपडेट: 15 Sep 2026, 12:29 AM
दुर्ग
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
छत्तीसगढ़ के राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) अपनी लंबित मांगों को लेकर लगातार नौवें दिन भी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर डटे रहे। गुरुवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक से उन्हें संविलियन और समायोजन को लेकर बड़ी उम्मीद थी, लेकिन किसी प्रकार की घोषणा नहीं होने पर आंदोलनकारियों में गहरी नाराजगी देखने को मिली।
विरोध जताने के लिए शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के नाम अपने खून से पत्र लिखा और इच्छामृत्यु की अनुमति देने की मांग कर डाली। राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हैं। गुरुवार को सभी शिक्षक रैली निकालते हुए कलेक्टोरेट पहुंचे, जहां उन्होंने तहसीलदार को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। 

खून से लिखा पत्र, सरकार से लगाई भावुक गुहार

इस दौरान कई शिक्षक भावुक हो गए और अपनी वर्षों की पीड़ा साझा करते हुए कहा कि यदि सरकार उन्हें सेवा सुरक्षा नहीं दे सकती, तो उन्हें सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार भी नहीं बचता। धरना स्थल पर शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर अपनी नाराजगी और पीड़ा व्यक्त की। उनका कहना था कि वे वर्षों से सरकारी स्कूलों में बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं, लेकिन आज तक उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। शिक्षकों ने कहा कि यदि सरकार उनकी सेवा का सम्मान नहीं कर सकती और संविलियन या समायोजन संभव नहीं है, तो उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी जाए।
कलेक्ट्रेट में तहसीलदार से मिलकर बताई अपनी समस्या

शिक्षा मंत्री पर लगाया उपेक्षा का आरोप

आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई धमकी नहीं, बल्कि उनकी बेबसी का प्रतीक है। विद्यामितान संघ के प्रदेश अध्यक्ष राज यादव ने आरोप लगाया कि हाल ही में वे प्रतिनिधिमंडल के साथ स्कूल शिक्षा मंत्री से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि कैबिनेट बैठक में अतिथि शिक्षकों के हित में कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, जिससे आंदोलन समाप्त किया जा सके। लेकिन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया गया और उन्हें मंत्री कार्यालय से बाहर जाने के लिए कहा गया। आंदोलनकारी शिक्षकों ने कहा कि चुनाव के दौरान सरकार और जनप्रतिनिधियों ने संविलियन तथा समायोजन का भरोसा दिलाया था। इसी विश्वास के आधार पर वे कैबिनेट बैठक से सकारात्मक फैसले की उम्मीद लगाए बैठे थे। हालांकि कोई घोषणा नहीं होने से हजारों अतिथि शिक्षकों में निराशा फैल गई है।

समान काम, लेकिन नहीं मिल रहा समान अधिकार

उनका कहना है कि अब सरकार को अपने वादों पर अमल करना चाहिए। धरने पर बैठे शिक्षकों का कहना है कि वे नियमित शिक्षकों की तरह ही स्कूलों में शिक्षण कार्य करते हैं, लेकिन उन्हें न तो समान वेतन मिलता है और न ही सेवा सुरक्षा। कम मानदेय के कारण उनके परिवार आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि समान कार्य के लिए समान वेतन और स्थायी सेवा का अधिकार मिलना चाहिए। संघ ने सरकार से जल्द संविलियन या समायोजन पर निर्णय लेने और चुनावी वादों के अनुरूप कार्रवाई करने की मांग दोहराई है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? हमारी सुधार नीति देखें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें