Dhamtari News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जिले के प्रमुख जलाशयों में तेजी से पानी भर रहा है। जलस्तर बढ़ने के साथ जिला प्रशासन ने भी निगरानी बढ़ा दी है। नदियों और जलाशयों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, वहीं निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से नदी और जलाशयों के आसपास नहीं जाने की चेतावनी जारी की गई है। इसके बावजूद गंगरेल डैम के मुहाने के पास कुछ लोग अपनी जान जोखिम में डालकर मछली पकड़ते नजर आ रहे हैं। जिस स्थान पर तेज बहाव के साथ पानी छोड़ा जा रहा है, वहां इस तरह की गतिविधि हादसे को न्योता दे सकती है।
गंगरेल के तीन गेट खोले गए
गंगरेल जलाशय में पानी की आवक बढ़ने के बाद तीन गेट खोल दिए गए हैं। यहां से कुल 4,670 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें 1,410 क्यूसेक पानी रुद्री बैराज के जरिए नहर में और 3,360 क्यूसेक पानी सीधे महानदी में छोड़ा जा रहा है।
चार बड़े जलाशयों में तेजी से बढ़ा पानी
लगातार बारिश के चलते धमतरी के चार प्रमुख जलाशयों में पानी की आवक तेज हो गई है। गंगरेल जलाशय 97.40 प्रतिशत, मुरुमसिल्ली यानी माडमसिल्ली 98.61 प्रतिशत, दुधावा 86.86 प्रतिशत और सोंढूर जलाशय 69.25 प्रतिशत तक भर चुका है। जलाशयों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

तेज बहाव के बीच मछली पकड़ना कितना सुरक्षित
डैम के गेट खुलने के बाद पानी का बहाव बढ़ जाता है। ऐसे में जलाशय के मुहाने या नदी के किनारे जाना जोखिम भरा हो सकता है। इसके बावजूद लोगों का वहां पहुंचकर मछली पकड़ना सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की अपील दोनों पर सवाल खड़े करता है।
हादसा होने पर कौन होगा जिम्मेदार
प्रशासन लगातार लोगों से नदी और जलाशयों के आसपास सावधानी बरतने की अपील कर रहा है। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति का पैर फिसल जाए या वह तेज बहाव की चपेट में आ जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। सवाल यह है कि चेतावनी के बावजूद यदि कोई अनहोनी होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है। साथ ही मैदानी अमले को जलस्तर और हालात पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि बढ़ते जलस्तर के बीच किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
अब कार्रवाई पर टिकी नजर
एक ओर प्रशासन जलाशयों और नदियों की स्थिति को लेकर अलर्ट है, तो दूसरी ओर गंगरेल डैम के पास लोगों की लापरवाही चिंता बढ़ा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन की चेतावनी के बावजूद जोखिम उठाने वाले लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाया जाता है और जलाशय क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह मजबूत किया जाता है।

