Elephant Attack: छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र में इन दिनों हाथियों की लगातार आवाजाही ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। पार्क परिक्षेत्र जनकपुर के थोड़गी गांव में हाथियों के एक दल ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने गांव में घुसकर तीन मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना के बाद तीन परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। वहीं, हाथियों की मौजूदगी से पूरे गांव में डर और दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों को आशंका है कि हाथियों का दल दोबारा गांव में पहुंचकर और नुकसान पहुंचा सकता है।
हाथियों ने तीन मकानों को किया क्षतिग्रस्त
बताया जा रहा है कि हाथियों का दल थोड़गी गांव के रिहायशी इलाके तक पहुंच गया था। इस दौरान हाथियों ने तीन घरों को नुकसान पहुंचाया और मकानों के कई हिस्सों को क्षतिग्रस्त कर दिया। घरों में अचानक हाथियों के पहुंचने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। मकानों को नुकसान पहुंचने के साथ ही अंदर रखा घरेलू सामान भी प्रभावित हुआ है। घटना के बाद प्रभावित परिवारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें सुरक्षित स्थान की तलाश करनी पड़ रही है।

किसानों की फसलों को भी पहुंचा नुकसान
हाथियों के झुंड ने गांव के आसपास खेतों में लगी फसलों को भी रौंद दिया। कई किसानों की खड़ी फसल हाथियों के पैरों तले बर्बाद हो गई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीणों के मुताबिक, इलाके में हाथियों की लगातार मौजूदगी के कारण खेतों की ओर जाना भी जोखिम भरा हो गया है। किसान अपनी फसल और घर दोनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। हाथियों के कारण ग्रामीणों की रोजमर्रा की गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
तीन परिवारों के सामने बेघर होने का संकट
मकानों के क्षतिग्रस्त होने के बाद तीन परिवारों के सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय हाथियों की आवाजाही सबसे ज्यादा चिंता का कारण बन रही है। लोगों को डर है कि अगर हाथियों का दल दोबारा गांव में पहुंचा तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की भी जरूरत महसूस की जा रही है।
वन विभाग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग
हाथियों के लगातार बढ़ते आतंक को लेकर ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों से बचाव और उन्हें गांव से दूर रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से हाथियों के दल की निगरानी बढ़ाने, उन्हें आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है। साथ ही प्रभावित परिवारों और किसानों को हुए नुकसान का उचित आकलन कर राहत दिलाने की मांग भी ग्रामीणों ने की है।