Elephant Alert: महासमुंद वन परिक्षेत्र में एक बार फिर अकेले दंतैल हाथी (GBME1) की चहलकदमी से हड़कंप मच गया है। बीती रात इस हाथी ने रिहायशी इलाकों के करीब बने खेतों और मुख्य सड़कों को पार करते हुए जंगलों का रुख किया है। वन विभाग से मिली ताज़ा जानकारी के मुताबिक, हाथी फिलहाल महासमुंद वन मंडल के कक्ष क्रमांक 78 और 79 के जंगल में विचरण कर रहा है। हाथी की इस आवाजाही से आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि बीती रात दंतैल हाथी ने सबसे पहले ग्राम उमरदा और सिरगिडी के खेतों में प्रवेश किया। इसके बाद उसने महासमुंद-बागबाहरा मुख्य मार्ग को सुरक्षित पार किया और बोरियाझर के खेतों से होते हुए बोरियाझर-केशवा मार्ग पर पहुंचा।
गरियाबंद जिले में प्रवेश करने की संभावना
सड़क पार करने के बाद हाथी ग्राम कोना के खेतों से होकर सीधे कक्ष क्रमांक 78 और 79 के घने जंगल में जा घुसा। वन विभाग की ट्रैकिंग टीमें लगातार हाथी की लोकेशन पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि हाथी अब कक्ष क्रमांक 80 के जंगल की ओर बढ़ सकता है। इतना ही नहीं, संभावना यह भी जताई जा रही है कि आज रात तक यह हाथी महासमुंद जिले की सीमा से निकलकर गरियाबंद वन मंडल के फिंगेश्वर रेंज में प्रवेश कर सकता है।
इन गांवों के ग्रामीण रहें बेहद सतर्क
हाथी की मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है:
महासमुंद क्षेत्र के प्रभावित गांव: ग्राम कोना, जीवतरा, बकमा, धनसुली, केशवा और खट्टी।
गरियाबंद/फिंगेश्वर क्षेत्र के संभावित प्रभावित गांव: बहमंदेही, नाचनबाय, राजकट्टी, खैरझिटी, तर्जुन्गा, गुंडरदेही और बांगनवा।
वन विभाग की चेतावनी और अपील
वन प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों से सख्त अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में जंगलों की तरफ न जाएं। खासकर शाम के बाद अकेले बाहर निकलने से बचें। यदि हाथी कहीं दिखाई दे या उसकी कोई हलचल महसूस हो, तो उसे छेड़ने या उसके करीब जाने की गलती न करें। इसकी सूचना तुरंत नजदीकी वन कर्मचारी या बीट गार्ड को दें ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

