Mahasamund News: झलप-बागबाहरा मार्ग पर बरपा गड्ढों का कहर, परेशान ग्रामीणों ने किया छिलपावन चौक पर चक्काजाम
Mahasamund News: झलप-बागबाहरा मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार सुबह छिलपावन चौक के पास चक्काजाम कर दिया। सड़क के गहरे गड्ढों और कीचड़ में वाहन फंसने से राहगीरों को परेशानी के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत और डामरीकरण शुरू करने की मांग की है।
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कीर्तिमान न्यूज
05 Sep 2026, 11:48 AM
बागबाहरा
Mahasamund News: झलप-बागबाहरा मुख्य मार्ग की खस्ताहाली अब राहगीरों की जान और जेब दोनों पर भारी पड़ने लगी है। जगह-जगह बने जानलेवा गड्ढों और बदहाल सड़क से आजीज आकर आखिरकार शनिवार सुबह ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब प्रशासन की नींद नहीं टूटी, तो आक्रोशित लोगों ने सुबह 10.30 बजे छिलपावन चौक के पास हाईवे पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। सड़क पर उतरे ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
घंटों जाम में फंसी रही गाड़ियां
इस अचानक हुए प्रदर्शन के चलते झलप-बागबाहरा मार्ग के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। बस, कार और दोपहिया वाहनों में सवार यात्रियों के साथ-साथ कई भारी मालवाहक गाड़ियां भी घंटों जाम में फंसी रहीं, जिससे लोगों को कड़ी धूप में भारी परेशानी झेलनी पड़ी। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण भारी वाहनों के पलटने और फंसने का सिलसिला लगातार जारी है।
रात से छिलपावन के पास फंसी ट्रंके पहले भी किया गया अधिकारयो का ध्यान आकर्षित
हालात इतने बुरे हैं कि शुक्रवार रात से ही दो बड़े ट्रक छिलपावन के पास सड़क के कीचड़ और गड्ढों में धंसे हुए हैं, जिन्हें शनिवार दोपहर तक नहीं निकाला जा सका था। गाड़ियों के कलपुर्जे टूटने से वाहन चालकों को आए दिन हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस बदहाल सड़क को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार खबरें प्रकाशित की गईं और जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया। इसके बावजूद भी लोक निर्माण विभाग और शासन के जिम्मेदार अफसरों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
हादसों का बना चुका है कॉरिडोर
किसी ठोस कार्रवाई के अभाव में सड़क की स्थिति 'जस की तस' बनी हुई है। आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का साफ कहना है कि अब कागजी आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। जब तक सड़क की मरम्मत और डामरीकरण का काम तुरंत शुरू करने का लिखित भरोसा नहीं मिलता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। लोगों का कहना है कि यह सड़क रोजाना हजारों लोगों के आवागमन का मुख्य जरिया है, लेकिन उपेक्षा के कारण अब यह हादसों का कॉरिडोर बन चुकी है।