जंतर-मंतर पर डिंपल यादव का दिखा नया तेवर : पुलिस से तीखी नोकझोंक, घायल छात्र की मदद
नीट छात्रों के समर्थन में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सपा सांसद डिंपल यादव का अलग अंदाज दिखा। पुलिस से बहस और घायल छात्र की मदद का वीडियो वायरल हो रहा है।
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विशेष संवाददाता
21 Jul 2026, 09:51 AM
दिल्ली
नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव का एक अलग ही रूप देखने को मिला। आमतौर पर शांत रहने वाली डिंपल यादव इस प्रदर्शन के दौरान काफी सक्रिय नजर आईं। पुलिस द्वारा रोके जाने पर उनकी तीखी बहस हुई और भीड़ के बीच एक घायल छात्र की मदद करते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
बैरिकेडिंग पर तनातनी और घायल छात्र के लिए मसीहा बनीं सांसद
सोमवार को विपक्ष के सांसद संसद से जंतर-मंतर की ओर मार्च निकाल रहे थे। जब पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका, तो वहां माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान पुलिस और डिंपल यादव के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसी हंगामे के बीच एक छात्र अचानक अस्वस्थ होकर जमीन पर बैठ गया। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि डिंपल यादव तुरंत उस छात्र के पास पहुंचीं, उसे राहत देने के लिए उसकी शर्ट के बटन खोले ताकि सांस लेने में दिक्कत न हो, और आसपास के लोगों से तुरंत पानी और मदद की गुहार लगाई।
समर्थन में प्रदर्शनक्या है नीट विवाद और छात्रों का यह प्रदर्शन?
देशभर के छात्र नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इसी कड़ी में देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र अपनी मांगें लेकर शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली पहुंचे थे। विपक्षी दलों के सांसद भी छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरे थे। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए थे, जिसके कारण यह टकराव की स्थिति पैदा हुई।
डिंपल यादव और विपक्षी नेताओं के तीखे आरोप
घटना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए डिंपल यादव ने केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने इस दिन को लोकतंत्र के लिए काला दिवस करार दिया। उनका आरोप था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्राओं पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी बात सुननी चाहिए।