दुर्ग पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कुम्हारी ओवरब्रिज के नीचे वाहन चेकिंग के दौरान एक क्रेटा कार से 14.5 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। तस्करों ने गांजे को कार के चारों दरवाजों में बनाए गए अत्याधुनिक गुप्त चेंबर में छिपाकर रखा था, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि ओडिशा से एक क्रेटा कार के माध्यम से गांजे की बड़ी खेप महासमुंद और रायपुर होते हुए दुर्ग-भिलाई क्षेत्र लाई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना कुम्हारी और एसीसीयू-क्राइम टीम ने संयुक्त रूप से घेराबंदी कर कुम्हारी ओवरब्रिज के नीचे सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया।
कार से आ रही थी गांजे की गंध
7.25 लाख रुपए का गांजा जब्त
बरामद गांजे की बाजार कीमत लगभग 7.25 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तस्करों ने काफी सुनियोजित तरीके से गांजे को छिपाया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे।
एएसपी सिटी सुखनंदन राठौर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तीरथा ठेला (36) निवासी अचलपुर, पोस्ट तूकला, थाना राजा खरियार, जिला नुआपाड़ा (ओडिशा) तथा किशन जगत (35) निवासी स्टेशन चौक, कुम्हारी, जिला दुर्ग के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे ओडिशा के कंधमाल क्षेत्र से गांजा खरीदकर दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में सप्लाई करने लाए थे। खेप की डिलीवरी कुम्हारी क्षेत्र में ही दी जानी थी।
पहले भी कर चुके हैं इसी तरीके से तस्करी
नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
दुर्ग पुलिस और एसीसीयू टीम आरोपियों के मोबाइल फोन तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के तार ओडिशा से लेकर छत्तीसगढ़ के कई जिलों तक जुड़े हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
