बिलासपुर में एक बिल्डर के घर से करोड़ों रुपए के जेवर और कीमती सामान चोरी होने के मामले में पुलिस ने महज तीन दिनों के भीतर बड़ा खुलासा किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर एसीसीयू और सिविल लाइन थाना पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की।
जांच के दौरान तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया गया, जिनकी निशानदेही पर नकदी और चोरी का अधिकांश सामान बरामद कर लिया गया। पुलिस अब तीनों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश करने की तैयारी कर रही है। पुलिस के अनुसार, बिल्डर रजनीश सेठ 18 जुलाई को अपने परिवार के साथ ऋषिकेश घूमने गए थे। घर की निगरानी की जिम्मेदारी एक सुरक्षा गार्ड के पास थी। गुरुवार को गार्ड ने मकान के पीछे लगा विंडो एसी हटाया हुआ देखा और इसकी सूचना तुरंत मकान मालिक को दी। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और वीडियो कॉल के जरिए घर की स्थिति देखने पर बड़ी चोरी की आशंका जताई गई।
करीब पांच करोड़ की चोरी की शिकायत से मचा हड़कंप
मकान मालिक ने दावा किया कि घर से करीब 20 तोला सोना, कीमती पत्थर और अन्य बहुमूल्य सामान सहित लगभग पांच करोड़ रुपए की संपत्ति गायब है। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत विशेष टीम गठित कर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में कुछ नाबालिग संदिग्ध गतिविधियों में नजर आए। इसके आधार पर पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उन्होंने चोरी की वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली।नकदी, जेवर और घरेलू सामान बरामद
पूछताछ में सामने आया कि नाबालिग घर से एक लाख छह हजार 635 रुपए नकद, सोने की एक चेन, सोने का पतला कड़ा, चांदी के जेवर, चांदी के बर्तन और घर में लगे नलों की टोंटियां तक निकाल ले गए थे। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर यह सामान बरामद कर लिया। वहीं, जांच के दौरान जिन महंगे कीमती पत्थरों को चोरी होना बताया गया था, वे बिल्डर के घर से ही सुरक्षित मिल गए। जांच में यह भी पता चला कि घर की अलमारी में रखे दो हजार रुपए के पुराने नोट और पांच सौ रुपए के पुराने नोट भी नाबालिग अपने साथ ले गए थे। पुलिस ने ये पुराने नोट भी बरामद कर लिए हैं। इसके अलावा चोरी की गई नल की टोंटियां भी आरोपियों के कब्जे से मिली हैं।
कबाड़ बीनने के दौरान बनाई चोरी की योजना
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, तीनों नाबालिग कबाड़ बीनने का काम करते हैं। सूना मकान देखकर उन्होंने पीछे से विंडो एसी हटाया और उसी रास्ते घर के भीतर प्रवेश किया। अंदर नकदी और जेवर मिलने पर वे उन्हें लेकर फरार हो गए। चोरी के बाद मिले पैसों को वे खाने-पीने और अन्य खर्चों में उड़ा रहे थे, जिससे उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं और पुलिस की नजर उन पर पहुंच गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तीनों नाबालिग पहले भी चोरी की अन्य वारदातों में शामिल रहे हैं या नहीं। उनसे पूछताछ जारी है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
इस पूरे मामले की जांच एएसपी पंकज पटेल और सीएसपी निमितेष सिंह के नेतृत्व में की गई। सिविल लाइन थाना और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने लगातार तीन दिनों तक तकनीकी और फील्ड जांच कर आरोपियों तक पहुंच बनाई। जांच में शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।