नगर पालिका परिषद आरंग के लिए खेल क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन की पहल रंग लाती नजर आ रही है। उनके प्रयासों के बाद आरंग स्थित राजा मोरध्वज खेल परिसर में राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता आयोजित कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। स्कूल शिक्षा एवं खेल मंत्री गजेंद्र यादव ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
खेल परिसर की सुविधाओं का दिया गया हवाला
डॉ. संदीप जैन ने खेल मंत्री को भेजे गए प्रस्ताव में बताया था कि राजा मोरध्वज खेल परिसर राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए आवश्यक अधोसंरचना और सुविधाओं से सुसज्जित है। उनका कहना था कि यदि इस प्रतियोगिता का आयोजन आरंग में होता है तो इससे स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर मंच मिलेगा और नगर की पहचान प्रदेश के प्रमुख खेल केंद्रों में स्थापित होगी।
खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के आयोजन की संभावना से नगर के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। प्रतियोगिता के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से खिलाड़ी आरंग पहुंचेंगे और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इससे स्थानीय खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्राप्त होगा और खेल गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
डॉ. संदीप जैन ने जताई खुशी
नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आरंग में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है। उनका उद्देश्य हमेशा से खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और बड़े अवसर उपलब्ध कराना रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
शिक्षा मंत्री और कैबिनेट मंत्री का जताया आभार
डॉ. जैन ने इस पहल को सकारात्मक समर्थन देने के लिए स्कूल शिक्षा एवं खेल मंत्री गजेंद्र यादव तथा कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद प्रतियोगिता का सफल आयोजन आरंग में होगा।
खेल संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
यदि आरंग को राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता की मेजबानी मिलती है, तो यह नगर के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। इससे न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि खेल संस्कृति को भी मजबूती मिलेगी और आरंग की पहचान प्रदेश के उभरते खेल केंद्र के रूप में और सशक्त होगी।